8th Pay Commission Collects Salary and Allowance Data Before New Pay Scales
8वें वेतन आयोग: वेतन और भत्तों में संशोधन से पहले मांगा गया विस्तृत वित्तीय डेटा
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने अपनी कार्यवाही के अहम चरण में प्रवेश कर लिया है। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में संभावित संशोधन से पहले आयोग ने सभी मंत्रालयों, विभागों और सरकारी संगठनों से मौजूदा वेतन एवं भत्ता व्यय का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। इस उद्देश्य के लिए आयोग ने एक ऑनलाइन डेटा पोर्टल शुरू किया है, जिस पर सभी संबंधित संस्थानों को निर्धारित प्रारूप में जानकारी अपलोड करनी होगी।

केवल ऑनलाइन पोर्टल पर ही होगी जानकारी स्वीकार
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी सूचनाएं केवल उसके आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी। किसी भी प्रकार के ऑफलाइन दस्तावेज, ईमेल, एक्सेल शीट या प्रिंटेड रिपोर्ट मान्य नहीं होंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य वेतन और भत्तों से संबंधित सभी आंकड़ों का एक केंद्रीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है, जिससे विश्लेषण और सिफारिशों की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन सके।
तीन वित्तीय वर्षों का मांगा गया ब्यौरा
आयोग ने मंत्रालयों और विभागों से पिछले तीन पूर्ण वित्तीय वर्षों का खर्च विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें निम्नलिखित वित्तीय वर्ष शामिल हैं:
- वित्त वर्ष 2022-23
- वित्त वर्ष 2023-24
- वित्त वर्ष 2024-25
इन वर्षों के दौरान वेतन और विभिन्न भत्तों पर हुए खर्च का विवरण पे मैट्रिक्स लेवल-1 से लेवल-18 तक अलग-अलग उपलब्ध कराना होगा।
किन मदों की जानकारी देनी होगी?
आयोग ने केवल मूल वेतन (Basic Pay) का विवरण नहीं मांगा है, बल्कि विभिन्न भत्तों पर हुए खर्च का विस्तृत ब्योरा भी देने के निर्देश दिए हैं। इनमें शामिल हैं:
- बेसिक पे (Basic Pay)
- मिलिट्री सर्विस पे (Military Service Pay), जहां लागू हो
- महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA)
- मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance – HRA)
- परिवहन भत्ता (Transport Allowance – TPTA)
- जोखिम एवं कठिनाई भत्ता (Risk & Hardship Allowance)
- रेलवे कर्मचारियों के लिए रनिंग स्टाफ अलाउंस
- नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA)
- अन्य सभी प्रकार के भत्ते
साथ ही प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कुल भत्ता व्यय का अलग से विवरण भी देना अनिवार्य होगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रक्रिया?
यह डेटा संग्रह 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन आंकड़ों के आधार पर आयोग यह आकलन करेगा कि वर्तमान में केंद्र सरकार विभिन्न वेतन स्तरों पर कितना खर्च कर रही है और भविष्य में वेतन एवं भत्तों में संशोधन का सरकारी खजाने पर कितना वित्तीय प्रभाव पड़ेगा।
इसी विश्लेषण के आधार पर आयोग संशोधित वेतनमान, भत्तों की नई संरचना, सरकारी व्यय और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।
समयसीमा बढ़ने की भी संभावना
जानकारी अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। हालांकि, देशभर के सैकड़ों सरकारी कार्यालयों से बड़ी मात्रा में वित्तीय डेटा एकत्र किया जाना है। ऐसे में यदि सभी विभाग समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाते हैं, तो आयोग समयसीमा बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है।
डेटा संग्रह पूरा होने के बाद आयोग इन आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण करेगा और इसके बाद 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट तैयार करने की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
Source: https://www.indiatoday.in
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