Indian Govt Scheme – Sarkari Yojna

Information about latest Indian Government Schemes provided by Modi Government. Various Scheme by Niti Ayog i.e. Pradhan Mantri Awas Yojna, Ujjwala Yojna etc.

Pradhan Mantri Awas Yojana : 14 निकायों में 3375 पीएम आवास मंजूर, लेकिन 1412 ताे शुरू नहीं हुए

Pradhan Mantri Awas Yojana : 14 निकायों में 3375 पीएम आवास मंजूर, लेकिन 1412 ताे शुरू नहीं हुए
नगरीय क्षेत्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन बिगड़ने से हितग्राही परेशान हो रहे हैं। कार्यालय का बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी हितग्राहियों को समय पर किस्त नहीं मिल रही है। स्थिति यह कि अविभाजित जांजगीर-चांपा जिले के 14 नगरीय निकायों में स्वीकृत 3375 में से केवल 1963 मकान ही ऐसे हैं, जो या तो बन गए हैं या फिर निर्माणाधीन है। जबकि इनमें से 1412 ऐसे मकान हैं जो अब तक शुरू ही नहीं हुए है। अधिकारी इसके लिए बारिश के मौसम को जिम्मेदार बता रहे हैं तो घरेलू काम को भी एक कारण बताया जा रहा है। वहीं एक बड़ा कारण हितग्राहियों के बीच आपसी बंटवारे के बाद बटांकन नहीं होना भी एक बड़ा कारण बताया जा रहा है।
14 निकायों में 3375 पीएम आवास मंजूर
केंद्र सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले बीपीएल हितग्राहियों को पीएम आवास योजना के मोर जमीन-मोर आवास के तहत 8 जून 2021 को स्वीकृति देते हुए जून 2022 तक शत प्रतिशत मकानों के प्रारंभ होने का लक्ष्य दिया था। इसी तरह 28 व 29 जून को नगरीय प्रशासन और विकास विभाग द्वारा समीक्षा बैठक में नगरीय प्रशासन ने लक्ष्यों के अनुसार शुरू नहीं हुए आवासों को निर्धारित समयावधि में प्रारंभ करने का निर्देश दिया था। फिर भी अधिकांश नगरीय निकायों के अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई और अब स्थिति यह कि नगरीय निकायों में केवल 60 प्रतिशत मकानों में कुछ मकान तो पूर्ण हो चुके हैं। जबकि अधिकांश मकान निर्माणाधीन है।
इनमें से 40 फीसदी मकानों की राशि स्वीकृति मिलने के बाद शुरू ही नहीं हो सके। एक बार फिर नगरीय प्रशासन ने सभी सीएमओ को आदेश जारी कर भवन निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश जारी किया है। नगरीय प्रशासन और विकास विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना सरकार की प्राथमिकता का विषय है। अत: लक्ष्य को निर्धारित समयावधि में पूरा नहीं करने की स्थिति में जिम्मेदारी का निर्धारण कर संबंधितों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका से नपं की स्थिति बेहतर
जिले में 4 नगर पालिका और 11 नगर पंचायत हैं। पीएम आवास के मामले में नगर पालिकों की अपेक्षा नगर पंचायतों की स्थिति ज्यादा बेहतर है। नगर पंचायत सारागांव में निर्धारित लक्ष्य का 85 प्रतिशत काम प्रारंभ हाे चुका है। जबकि नगर पंचायत बलौदा में 72, चंद्रपुर में 71, नवागढ़ में 69 प्रतिशत काम प्रारंभ हो चुके हैं।
नगर पालिका में सिर्फ 41% ही शुरू

केंद्र सरकार द्वारा पीएम आवास योजना के तहत नगर पालिका जांजगीर नैला में 326 मकानों की स्वीकृति दी गई थी। इनमें से केवल 135 में से कुछ मकान ही पूरे हुए हैं। इनमें से अधिकांश मकान अब भी निर्माणाधीन है। वहीं इनमें से 191 ऐसे मकान हो जो अब तक शुरू हो नहीं हुए है।
ठेकेदार ही बना रहे पूरा मकान

पीएम आवास के लिए एक हितग्राही को 2 लाख 30 हजार रुपए चार किस्तों में भुगतान किया जाता है, मगर ठेकेदार हितग्राही से सांठ-गांठ कर खुद मकान बनवाकर दे रहे है, जिसमें मुश्किल से एक से डेढ़ लाख रुपए के अंदर खर्च किया जा रहा है। मकान की क्वालिटी देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक मकान में 70 से 80 हजार रुपए तक बचा ले रहे हैं। हालांकि इसमें गलती हितग्राहियों की नहीं है, क्योंकि सरकार उन्हें पूरे पैसे दे रही है। पर शुरुआत में खुद से पैसा लगाना पड़ता है। फिर किस्त मिलती है।
कई पात्र हितग्राहियों के दस्तावेजों में जमीन संबंधी विवाद से देरी
“कई पात्र हितग्राहियों के दस्तावेजों में जमीन संबंधी विवाद है। उनका बटांकन नहीं होने के कारण काम प्रारंभ नहीं हो पाया है। इसी तरह कई हितग्राही घरेलू परिस्थिति के कारण काम प्रारंभ करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। जमीन संबंधी समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका द्वारा राजस्व अधिकारियों से समन्वय कर शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।”

Source: https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/janjgir/news/3375-pm-housing-approved-in-14-bodies-but-1412-have-not-started-officer-said-delay-due-to-non-polling-here-the-government-warned-130639197.html

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