8th Pay Commission: Fitment Factor 3.833 Could Trigger a Big Salary Hike for Central Government Employees
आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। वेतन आयोग की ओर से विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स यूनियनों, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से बातचीत का सिलसिला जारी है। इस दौरान सबसे प्रमुख मांगों में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग शामिल है।
कई कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 करने की मांग कर रहे हैं। अगर भविष्य में सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, अभी यह केवल एक मांग है और 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश तथा सरकार की मंजूरी के बाद ही वास्तविक वेतन तय होगा।
चेन्नई के बाद चंडीगढ़ में होंगी बैठकें
आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया के तहत अलग-अलग स्थानों पर कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। चेन्नई और पुडुचेरी में बैठकों के बाद अब 16 से 18 सितंबर के बीच चंडीगढ़ में बैठकें प्रस्तावित हैं।

इन बैठकों में वेतन, पेंशन, भत्तों और फिटमेंट फैक्टर सहित कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इनमें फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की मांग को खास महत्व दिया जा रहा है।
कई कर्मचारी संगठनों ने की 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग
फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 करने की मांग केवल एक संगठन तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF), ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन और पेंशनर्स संगठनों की ओर से भी इस तरह की मांग रखी गई है।
अगर 3.833 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो इसका असर केंद्रीय कर्मचारियों के अलग-अलग पे लेवल पर दिखाई दे सकता है।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसका इस्तेमाल पुराने मूल वेतन को संशोधित मूल वेतन में बदलने के लिए किया जाता है। सामान्य तौर पर इसे इस फॉर्मूले से समझा जा सकता है:
- नया मूल वेतन = वर्तमान मूल वेतन × फिटमेंट फैक्टर
- सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इसके तहत न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी।
- अब 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर को 3.833 तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
- 3.833 फिटमेंट फैक्टर से ₹18,000 की बेसिक सैलरी कितनी होगी?
- अगर केवल उदाहरण के तौर पर ₹18,000 की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी पर 3.833 का गुणक लगाया जाए, तो कैलकुलेशन इस तरह होगा: ₹18,000 × 3.833 = ₹68,994
यानी इस गणना के आधार पर बेसिक पे लगभग ₹68,994 होगी। मौजूदा ₹18,000 के मुकाबले यह करीब ₹50,994 की बढ़ोतरी होगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह केवल फिटमेंट फैक्टर के सीधे गुणा पर आधारित गणना है। वास्तविक 8वें वेतन आयोग में पे मैट्रिक्स, वेतन संरचना, DA के मर्जर और अन्य कारकों को ध्यान में रखा जा सकता है। इसलिए अंतिम सैलरी इससे अलग हो सकती है।
अलग-अलग पे लेवल पर कितना हो सकता है बदलाव?
यदि 3.833 को सीधे वर्तमान बेसिक पे पर लागू करके उदाहरण के तौर पर गणना की जाए, तो अलग-अलग लेवल पर अनुमानित बेसिक पे इस प्रकार होगी:
पे लेवल | वर्तमान बेसिक पे | 3.833 पर अनुमानित बेसिक पे |
Level-1 | ₹18,000 | ₹68,994 |
| Level-2 | ₹19,900 | ₹76,277 |
Level-3 | ₹21,700 | ₹83,182 |
Level-4 | ₹25,500 | ₹97,742 |
Level-5 | ₹29,200 | ₹1,11,924 |
Level-6 | ₹35,400 | ₹1,35,718 |
Level-7 | ₹44,900 | ₹1,72,102 |
Level-8 | ₹47,600 | ₹1,82,450 |
Level-9 | ₹53,100 | ₹2,03532 |
Level-10 | ₹56,100 | ₹2,15,031 |
नोट: ये आंकड़े केवल 3.833 फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा बेसिक पे से सीधे गुणा करके निकाले गए उदाहरण हैं। इन्हें 8वें वेतन आयोग की अंतिम वेतन तालिका नहीं माना जाना चाहिए।
50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा?
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर बड़ी संख्या में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ने की उम्मीद है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर्स इससे प्रभावित हो सकते हैं।
अगर फिटमेंट फैक्टर में बड़ी बढ़ोतरी होती है, तो बेसिक पे के साथ-साथ उससे जुड़े अन्य लाभों की गणना पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार फिटमेंट फैक्टर और नई वेतन संरचना को किस रूप में मंजूरी देती है।
पेंशनर्स को भी मिल सकता है बड़ा फायदा
फिटमेंट फैक्टर का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रह सकता। अगर पेंशन के पुनर्निर्धारण के लिए भी समान या संबंधित फिटमेंट व्यवस्था अपनाई जाती है, तो केंद्रीय पेंशनर्स को भी लाभ मिल सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि ₹25,000 की पेंशन पर केवल 3.833 का गुणक लगाया जाए:
- ₹25,000 × 3.833 = ₹95,825
इस तरह गणना के आधार पर पेंशन ₹95,825 हो सकती है। लेकिन यहां भी यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह केवल काल्पनिक गणना है, सरकार द्वारा घोषित नई पेंशन नहीं।
फिटमेंट फैक्टर के अलावा इन मुद्दों पर भी नजर
केंद्रीय कर्मचारी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर के अलावा कई अन्य मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- नई पे मैट्रिक्स
- महंगाई भत्ता (DA)
- HRA
- अन्य भत्तों में संशोधन
- पेंशन पुनर्निर्धारण
- न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी
- अलग-अलग पे लेवल की वेतन संरचना शामिल हैं।
इसलिए 8वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी केवल फिटमेंट फैक्टर से तय नहीं होगी, बल्कि पूरी वेतन संरचना और आयोग की अंतिम सिफारिशों पर निर्भर करेगी।
कब आएगी 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट?
आठवें वेतन आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग की प्रक्रिया में विभिन्न पक्षों से सुझाव और मांगें ली जा रही हैं। रिपोर्ट को लेकर मई-जून 2027 के आसपास अंतिम सिफारिशें आने की संभावना बताई जा रही है।
इसके बाद सरकार सिफारिशों की समीक्षा करके उन पर फैसला करेगी। इसलिए फिलहाल 3.833 फिटमेंट फैक्टर को लेकर किसी भी सैलरी या पेंशन बढ़ोतरी को अंतिम और पक्की घोषणा मानना सही नहीं होगा।
अगर 8वें वेतन आयोग में 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग स्वीकार की जाती है और इसे मौजूदा बेसिक पे पर सीधे लागू किया जाता है, तो न्यूनतम ₹18,000 बेसिक पे की गणना करीब ₹68,994 तक पहुंचती है। यानी करीब ₹50,994 की वृद्धि दिखाई देती है।
लेकिन वास्तविक वेतन इससे अलग हो सकता है, क्योंकि अंतिम फैसला नई पे मैट्रिक्स, DA, भत्तों और सरकार द्वारा स्वीकृत वेतन संरचना पर निर्भर करेगा। फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें आयोग की बैठकों और आने वाली सिफारिशों पर टिकी हैं।
Source: https://www.aajtak.in/business/utility/story/8th-pay-commission-50-lakh-employees-benefit-salary-hike-upto-51000-rupee-monthly-know-how-tutc-dskc-2641448-2026-09-12
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