Featured Post

World Tuberculosis (T.V.) Day On March 24 2019

Press Information Bureau  Government of India President's Secretariat 23-March-2019 14:10 IST President of India’s Message on ...

Tuesday, February 26, 2019

Ministry of AYUSH and WHO Working Group Meeting on Benchmarks for Training in Yoga, आयुष मंत्रालय और डब्ल्यूएचओ ने योग प्रशिक्षण शुरु किया

Press Information Bureau 
Government of India
AYUSH
26-February-2019 14:36 IST

Ministry of AYUSH and WHO Working Group Meeting on Benchmarks for Training in Yoga from today 

Ministry of AYUSH and WHO are jointly organizing a three days Working Group Meeting for reviewing the WHO document “Benchmarks for Training in Yoga” from 26-28 February, 2019 at New Delhi. The meeting is coordinated by Morarji Desai National Institute of Yoga (MDNIY. WHO is developing Benchmarks Document for Training in Yoga as part of its global strategy to strengthen the quality, safety and effectiveness of Traditional and Complementary Medicine. Development of this benchmarks document is included in the Project Collaboration Agreement signed between World Health Organization (WHO) and Ministry of AYUSH on Cooperation in the field of Traditional and Complementary Medicine under WHO strategy covering the period 2014-2023.
Ministry+of+AYUSH+and+WHO

Total 16 experts of yoga would be reviewing the draft document. Out of 16 experts, 11 International experts are from USA, UK, Canada, Brazil, Saudi Arabia, Sri Lanka, Thailand, Japan, Australia and Malaysia. There would be 4 session on all 3 days. All the technical sessions would be coordinated by the experts from WHO Secretariat.

The specific objectives of the meeting are to discuss the challenges in training of Yoga, to review & discuss the scope and structure of the working draft document, to review and discuss the contents of the working draft document, to identify the type, scope and criteria of information/data that are further required, and to discuss the working procedure and time frame for further development of the document. This benchmarks document will be used in evaluating Yoga therapy, identifying trends in utilization, developing payment structures for service models, establishing regulatory framework for Yoga practice.

World Health organization (WHO) has been launched Traditional Medicine Strategy 2014-2023 to help health care leaders to develop solution that contribute to a broader vision of improved health and patient autonomy. The strategy has two key goals: to support Member States in harnessing the potential contribution of Traditional and Complementary Medicine(T&CM) to health, wellness and people centered health care and to promote the safe and effective use of T&CM through the regulation of products, practice and practitioners. These goals will be reached by implementing three strategic objectives are 1) Building the knowledge base and formulating nation’s policies; 2) Strengthening safety, quality and effectiveness through regulation; and 3) Promoting universal health systems.

Updating and enhancing the strategy has allowed WHO to acquire a better understanding of how to boost the global integration of T&CM into health systems. It will provide Member States with a road map to achieving further success in their T&CM strategic planning.

Under this WHO Traditional Medicine Strategy 2014-2023, a Project Collaboration Agreement (PCA) was signed between WHO and Ministry of AYUSH on 13 May, 2016 for cooperation on promoting the quality, safety and effectiveness of service provision in traditional and complementary medicine between WHO and Ministry of AYUSH (2016-2020). Area of collaboration are Development of the WHO publication : Benchmarks for training in Yoga, Benchmark for practice in Ayurveda, Unani and Panchakarma, Basic ( essential) terms for T&CM, Project on the establishment of a WHO database for global T&CM practitioners and Support the establishment of a network of international regulatory cooperation for T&CM practice.

योग में प्रशिक्षण के लिए आयुष मंत्रालय और डब्ल्यूएचओ कार्य समूह की बैठक आज से  

आयुष मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन-डब्ल्यूएचओ ‘योग में प्रशिक्षण के लिए मानक’ पर विश्व स्वास्थ्य संगठन दस्तावेज की समीक्षा के लिए आज से 28 फरवरी तक नई दिल्ली में तीन दिवसीय कार्य समूह की बैठक का संयुक्त आयोजन कर रहे हैं। बैठक का समन्वय मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) कर रहा है। परम्परागत और पूरक चिकित्सा पद्धति की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभाव को मजबूत बनाने के लिए अपनी वैश्विक रणनीतिक हिस्से के रूप में विश्व स्वास्थ्य संगठन योग में प्रशिक्षण के लिए मानक दस्तावेज तैयार कर रहा है। इस मानक दस्तावेज को विश्व स्वास्थ्य संगठन और आयुष मंत्रालय के बीच हुए परियोजना सहयोग समझौते में शामिल किया गया है। यह समझौता 2014-2023 की अवधि में डब्ल्यूएचओ की रणनीति के अंतर्गत परम्परागत और पूरक चिकित्सा पद्धति में सहयोग के लिये किया गया था।

प्रारूप दस्तावेज के रूप की समीक्षा योग के 16 विशेषज्ञ करेंगे। 16 विशेषज्ञों में 11 अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ हैं, जो अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ब्राजील, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाइलैंड, जापान, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया के हैं। तीन दिन की बैठक में चार सत्र आयोजित किए जाएंगे। सभी तकनीकी सत्रों का समन्वय डब्ल्यूएचओ सचिवालय के विशेषज्ञ करेंगे।

इस बैठक का उद्देशय योग के प्रशिक्षण में चुनौतियां, प्रारूप दस्तावेज के दायरे और ढांचे की समीक्षा और उस पर विमर्श, प्रारूप दस्तावेज पर विचार-विमर्श, भविष्य के लिए आवश्यक सूचना/डाटा का दायरा और मानक और दस्तावेज को और अधिक विकसित करने के लिए कार्य प्रक्रिया और समय-सीमा पर विचार करना है। इस मानक दस्तावेज का उपयोग योग चिकित्सा के मूल्यांकन, उपयोग में प्रवृत्तियों की पहचान, सेवा मॉडलों के लिए भुगतान ढांचे का विकास, योग अभ्यास के लिए नियामक ढांचे की स्थापना में किया जाएगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन परम्परागत चिकित्सा पद्धति रणनीति 2014, 2023 लांच किया है, ताकि स्वास्थ्य और रोगी की अवस्था में सुधार के व्यापक विजन में योगदान के लिए मदद दी जा सके। इस रणनीति के दो महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं- पहला, स्वास्थ्य आरोग्य और जन केन्द्रित स्वास्थ्य सेवा में परम्परागत और पूरक चिकित्सा पद्धति के संभावित योगदान को बढ़ाने में सदस्य देशों को समर्थन देना तथा परम्परागत तथा पूरक चिकित्सा पद्धति के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल को उत्पादन के नियमन, अभ्यास तथा अभ्यासकर्ताओं के माध्यम से प्रोत्साहित करना है। ये लक्ष्य तीन रणनीतिक उद्देश्यों को पूरा करके हासिल किए जा सकते हैं। ये उद्देश्य हैं- (1) ज्ञान आधार बनाना और देश की नीतियां तैयार करना। (2) नियमन के माध्यम से सुरक्षा गुणवत्ता और प्रभाव को मजबूत बनाना तथा (3) सार्वभौमिक स्वास्थ्य प्रणालियों को प्रोत्साहित करना। विश्व स्वास्थ्य संगठन की परम्परागत चिकित्सा पद्धति रणनीति 2014-2023 के अंतर्गत 13 मई, 2016 को डब्ल्यूएचओ और आयुष मंत्रालय के बीच परियोजना सहयोग समझौता (पीसीए) पर हस्ताक्षर किया गया। सहयोग के क्षेत्रों में डब्ल्यूएचओ प्रकाशन का विकास, योग में प्रशिक्षण के लिए मानक, आयुर्वेद, यूनानी तथा पंचकर्म में चिकित्सा सेवा के लिए मानक शामिल हैं।
*****
banner
Previous Post
Next Post

0 comments:

Popular Posts