Beneficiaries under Nai Roshni Yojana in Bihar बिहार राज्य में पिछले तीन वर्षो में नई रोशनी योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिला
भारत सरकार
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय

लोक सभा

अतारांकित प्रश्न संख्या : 2572
उत्तर देने की तारीख : 22.12.2022

नई रोशनी योजना के अंतर्गत लाभार्थी

2572. डॉ. मोहम्मद जावेद:

क्या अल्पसंख्यक कार्य मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि :

(क) विगत तीन वर्षों के दौरान नई रोशनी योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित महिलाओं की विशेषकर बिहार राज्य में समुदाय-वार संख्या कितनी है;
Beneficiaries under Nai Roshni Yojana in Bihar
(ख) योजना के तहत लाभार्थियों के चयन की पात्रता और प्रक्रिया का ब्यौरा कया है;

(ग) इस योजना के अंतर्गत विशेषकर बिहार राज्य में स्थापित प्रशिक्षण केन्द्रों का ब्यौरा कया है; और

(घ) योजना के तहत प्रशिक्षण केंद्र बनाने हेतु संगठन/एजेंसी के चयन के लिए क्या मानदंड है?

उत्तर
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री

(श्रीमती स्मृति ज़ूबिन इरानी)

(क) पिछले तीन वर्षों अर्थात 2019-20 से 2021-22 के दौरान बिहार में 175 सहित पूरे भारत में लगभग 40,000 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। बिहार राज्य में पिछले तीन वर्षो में प्रशिक्षित महिलाओं का समुदाय-वार विवरण इस प्रकार है: मुस्लिम -175, ईसाई -0 सिख -0 बौद्ध -0, जैन -0 और गैर अल्पसंख्यक -0

(ख) राष्ट्रीय अल्पसंखयक आयोग अधिनियम, 1992 की धारा 2(ग) के तहत मंत्रालय द्वारा अनुमोदित एजेंसियां सभी अधिसूचित अल्पसंख्यकों जैसे मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन समुदायों की महिलाओं का चयन करती हैं। योजना के तहत प्रशिक्षण हेतु चयन में उन लाभार्थियों को वरीयता दी जाती है जिनकी वार्षिक आय सभी स्रोतों से रू 2.50 लाख से अधिक न हो। एजेंसियां महिला प्रशिक्षुओं के चयन के लिए ग्राम पंचायत/नगर निकाय/स्थानीय प्राधिकरण के प्रमुख की सहायता भी लेती हैं।

(ग) इस योजना के तहत मंत्रालय दवारा कोई प्रशिक्षण केंद्र स्थापित नहीं किया गया है। चयनित एजेंसियों को उस इलाके/गाँव्षेत्र में जहाँ प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है, अपने संगठनात्मक ढांचे के माध्यम से सीधे परियोजनाओं को लागू करना अपेक्षित है। बिहार राज्य में, एजेंसियों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान भोजपुर जिले में इस योजना को लागू किया है। उक्त योजना के तहत संगठन/एजेंसी के चयन के लिए पात्रता मानदंड (http://nairoshni-moma.gov.in) पर उपलब्ध है।

(घ) नई रोशनी योजना को अब वित्त वर्ष 2022-23 से प्रधान मंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के एक घटक के रूप में विलय कर दिया गया है, जिसका उददेश्य कौशल विकास, शिक्षा और नेतृत्व प्रशिक्षण के माध्यम से उनके उद्यमशीलता हस्तक्षेपों का समर्थन करने के लिए अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से कारीगर समुदायों की आजीविका में सुधार करना है।


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