Gram Ujala Scheme ग्राम उजाला योजना के अंतर्गत एलईडी बल्ब कैसे प्राप्त करे। 

हमारे गांवों में आज भी अधिकांश लोग रोशनी के लिए पीले बल्बों का प्रयोग करते हैं। ये बल्ब कम रोशनी तो देते ही हैं, इसके अलावा अधिक ऊर्जा भी खपाते हैं। लिहाजा, नागरिकों को बिजली के अधिक बिल का भुगतान करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त ये बल्ब अत्यधिक कार्बन भी उत्सर्जित करते हैं, जिससे पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। इसे देखते हुए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा के बेहतर उपयोग के लिहाज से तथा ग्रामीणों को सस्ती दरों पर एलईडी बल्ब उपलब्ध कराने की नीयत से ग्राम उजाला योजना (gram ujala scheme) की शुरुआत की है।

ग्राम उजाला योजना क्या है? (What is gram ujala scheme?)

यह तो हम सभी जानते हैं कि बिजली अब एक आवश्यक आवश्यकता है। इस बात से आप भी वाकिफ होंगे कि बिजली की बचत एवं आंखों को सुकून देने वाली रोशनी प्रदान करने के लिए इन दिनों एलईडी बल्ब के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा पांच जनवरी, 2015 को ग्राम उजाला योजना का शुभारंभ किया गया। यहां उजाला (ujala) की फुल फॉर्म उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडी फॉर ऑल (unnat Jyoti by affordable LED for all) है।
Gram Ujala Scheme
इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा नागरिकों को 7 एवं 12 वाट के हाई क्वालिटी के बल्ब महज 10 रुपए प्रति बल्ब की दर से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना में प्रति हाउस होल्ड अधिकतम पांच बल्ब दिए जाने का प्रावधान है। इस प्रकार नागरिकों को महज 50 रुपए में पांच एलईडी बल्ब दिए जाते हैं। यह तो आप भी जानते होंगे कि एक एलईडी बल्ब की बाजार में कीमत कम से कम 100 रुपए है, इस प्रकार पांच एलईडी बल्ब एक साथ खरीदने पर ग्राहक को 450 रुपए की बचत हो जाती है।

क्या इन बल्बों पर सरकार द्वारा कोई गारंटी भी दी जाती है? (Is there any guarantee given by government on these bulbs?)

हम आपको बता चुके हैं कि ग्राम उजाला योजना (gram ujala scheme) के अंतर्गत एक हाउस होल्ड (house hold) को अधिक से अधिक पांच बल्ब प्रदान किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इन बल्बों पर सरकार द्वारा तीन साल की गारंटी भी दी जा रही है। इसका अर्थ यह है कि तीन साल के भीतर यदि ये बल्ब फ्यूज होते हैं तो इन्हें बदला जा सकता है।

इसके अलावा कोई भी अपना पुराना बल्ब लाकर नया बल्ब ले जा सकता है। इसके अतिरिक्त इस योजना के अंतर्गत अब एलईडी ट्यूबलाइट (LED tubelight) एवं ऊर्जा कुशल यानी इनर्जी एफिशिएंट पंखों (energy efficient fans) का भी वितरण (distribution) किया जा रहा है।

ग्राम उजाला योजना का क्या उद्देश्य क्या है? (What is the objective of this gram ujala scheme?)

ग्राम उजाला योजना इस समय दुनिया की सबसे बडी गैर सब्सिडी लाइटनिंग योजना (non subsidy lightning scheme) है। इसके माध्यम से मुख्य रूप से गांवों में घरेलू उपभोक्ताओं (domestic consumers) को बिजली खपत (electricity consumption) के परंपरागत एवं अक्षम तरीकों (traditional and inefficient methods) से मुक्ति दिलाने की कोशिश की जा रही है। इसके अतिरिक्त ऊर्जा संरक्षण (energy conservation) के साथ ही बिजली की बढ़ती मांग को भी पूरा करने की कोशिश की जा रही है। मूल रूप से इस योजना के निम्न उद्देश्य हैं-
  • बिजली की बचत: पीली रोशनी देने वाला बल्ब अधिक बिजली खपाता है। ऐसे में एलईडी बल्ब से बिजली की बचत हो सकेगी।

  • ऊर्जा की बढ़ती खपत पर रोक: भारत में ऊर्जा की डिमांड काफी है। ऐसे में इसकी बढ़ती खपत पर रोक लगाकर नागरिकों की डिमांड पूरी करना संभव होगा।

  • पर्यावरण की सुरक्षा: पीली रोशनी वाला बल्ब कार्बन का अत्यधिक उत्सर्जन करता है। ऐसे में एलईडी कार्बन उत्सर्जन कम करके पर्यावरण संरक्षण में मददगार होगी।

  • सस्ती दरों पर एलईडी मुहैया कराना: ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सस्ती दरों पर एलईडी मुहैया कराकर सरकार इनके इस्तेमाल को प्रोत्साहन देगी।
ग्राम उजाला योजना के संचालन का जिम्मा किसे दिया गया है? (Who has been given the responsibility to operate gram ujala scheme?)

केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत बल्ब वितरण की जिम्मेदारी कंवर्जेंस इनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (convergence energy services limited) यानी सीईएसएल (CESL) को दी गई है। यह इनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (energy efficiency services limited) यानी ईईएसएल (EESL) की सब्सिडियरी कंपनी (subsidiary company) है। इस कंपनी के संबंध में अधिक जानकारी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट (official website) https://eeslindia.org/ पर जाकर प्राप्त की जा सकती है।

ग्राम उजाला योजना कितने राज्यों में चलाई जा रही है? (In how many states this gram ujala scheme is operational?)

अब आपके मन में यह सवाल पैदा हो रहा होगा कि यह ग्राम उजाला योजना कितने राज्यों में चलाई जा रही है? तो आपको बता दें कि इस योजना का संचालन पांच राज्यों उत्तर प्रदेश (UP), बिहार (Bihar), कर्नाटक (Karnataka), तेलंगाना (Telangana) एवं आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) से शुरू हुआ था। उस समय इन राज्यों के कुल 2579 गांवों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया था। अब सभी राज्यों में केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का संचालन किया जा रहा है।

अब तक सरकार की ओर से कितने बल्ब वितरित किए जा चुके हैं? (How many bulbs have been distributed by government under this scheme?)

अब तक सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत 36.70 करोड़ एलईडी बल्ब, 72.09 लाख एलईडी ट्यूब लाइट एवं 23.41 लाख से भी अधिक एनर्जी एफिशिएंट पंखे वितरित किए जा चुके हैं। इनमें बहुत से लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पुराने बल्ब देकर एलईडी बल्ब लेने में दिलचस्पी दिखाई है। ये सभी कार्बन उत्सर्जन (carbon emission) कम करने में सहायक बने हैं। बिजली बचत के साथ ही कार्बन उत्सर्जन को कम करना ही इस योजना का एक उद्देश्य भी है।

इस योजना के तहत एलईडी बल्ब के इस्तेमाल से हर साल 2,59,236 टन कार्बन का उत्सर्जन कम किया गया है। इसके अतिरिक्त सरकार इस योजना के जरिए एलईडी बल्व निर्माण को प्रोत्साहन देकर स्व रोजगार को भी बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।

इस योजना से सरकार को कितनी बचत हुई है? (Government has made how much savings through this scheme?)

अब आते हैं असली सवाल पर, और वो ये किस इस योजना के माध्यम से सरकार ने कितनी बिजली की बचत की है? क्योंकि यही सरकार का प्राथमिक उद्देश्य है। तो आपको जानकारी दे दें कि एलईडी बल्ब वितरण से प्रत्येक वर्ष करीब 72 करोड़ यूनिट बिजली की खपत कम हो रही है। इसे आप बिजली की बचत भी पुकार सकते हैं। इसे यदि रुपए में कन्वर्ट करें तो यह राशि करीब 265 करोड़ रुपए सालाना बैठती है।

ग्राम उजाला योजना के लिए आवेदन को किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?

यदि आप भी इस योजना के लाभार्थी बनना चाहते हैं तो आइए आपको बता दें कि इस योजना के लिए अप्लाई करने को आपको किन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी। ये इस प्रकार से हैं-
  • आवेदक का आधार कार्ड।
  • आवेदक का स्थाई निवास प्रमाण पत्र।
  • आवेदक का राशन कार्ड।
  • आवेदक के बिजली बिल की फोटोकॉपी।
  • आवेदक का आय प्रमाण पत्र।
  • आवेदक की पासपोर्ट साइज फोटो।
  • आवेदक का मोबाइल नंबर। (याद रखें कि यह नंबर एक्टिव हो)।
इस योजना के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है? 

ग्राम उजाला योजना के तहत आवेदन करने के लिए आपको एक सूक्ष्म सी प्रक्रिया (process) का पालन करना पड़ेगा, जो कि इस प्रकार से है-
  • सबसे पहले आपको स्थानीय ऊर्जा विभाग में जाना होगा।
  • यहां से ग्राम उजाला योजना का आवेदन पत्र हासिल कर लें।
  • इसके पश्चात इस आवेदन पत्र में मांगी गई सारी जानकारी सही सही भरें।
  • इसके पश्चात योजना के लिए मांगे गए सभी आवश्यक डाक्यूमेंट्स की कापी इसके साथ संलग्न करें।
  • इसके पश्चात इसे संबंधित विभाग में जाकर जमा करा दें।
  • फार्म में आपके द्वारा दी गई जानकारी एवं दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आपको योजना के लिए चुने जाने का मैसेज आपके मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा।
ग्राम उजाला योजना को लेकर अपनी शिकायत कहां दर्ज कराएं? 

यदि आपको ग्राम उजाला योजना को लेकर कोई शिकायत है तो आपको इधर-उधर भटकने की आवश्यकता कतई नहीं है। आप अपनी कंप्लेन आनलाइन (complaint online) भी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ यह steps फॉलो करने होंगे-
  • सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://eeslindia.org/ पर जाएं।
  • यहां आपके सामने होमपेज खुल जाएगा।
  • होमपेज पर आपको रजिस्टर your complaint का आप्शन दिखाई देगा।
  • इस पर क्लिक करते ही आपके सामने कंप्लेन फार्म खुल जाएगा।
  • इसमें अपनी शिकायत से संबंधित पूरी जानकारी भर दें।
  • इसके पश्चात save के आप्शन पर क्लिक कर सबमिट कर दें।
नोट :- हमारे वेबसाइट www.indiangovtscheme.com पर ऐसी जानकारी रोजाना आती रहती है, तो आप ऐसी ही सरकारी योजनाओं की जानकारी पाने के लिए हमारे वेबसाइट www.indiangovtscheme.com से जुड़े रहे।
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