प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे देश के 1300 अभिज्ञात अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों (एमसीए) में मई, 2018 से पुनर्गठित और कार्यान्वित किया गया था।

भारत सरकार
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय

लोक सभा

अतारांकित प्रश्न संख्या : 4727
उत्तर देने की तारीख : 31.03.2022

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम

4727. श्री कनुमुरू रघु राम कृष्ण राजू

क्या अल्पसंख्यक कार्य मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि

(क) क्या सरकार 1390 करोड़ के वित्तीय परिव्यय के साथ देश भर में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) लागू कर रही है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा कया है;

(ख) पीएमजेवीके के तहत कौन-कौन सी योजनाएं और कार्यक्रम कार्यान्वित किए जा रहे हैं और आश्र प्रदेश के प्रत्येक जिले को कितनी निधि आवंटित और जारी की गई है; और

Pradhan Mantri Jan Vikas Karyakram

(ग)  पीएमजेवीके के तहत अब तक शुरू किए गए कार्यक्रमों/योजनाओं की स्थिति क्‍या है?

उत्तर
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री

(श्री मुख्तार अब्बास नकवी)

(क) और (ग): प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे देश के 1300 अभिज्ञात अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों (एमसीए) में मई, 2018 से पुनर्गठित और कार्यान्वित किया गया था। जिसका उठददेश्य इन क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक आधारभूत संरचना संपत्ति और बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है। पीएमजेवीके के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को मई, 2018 से मूल रूप से 90 जिलों से बढ़ाकर 33 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 308 जिलों में शामित्र किया गया था। एमसीए में 870 अल्पसंख्यक बहुल ब्लॉक (एमसीबी), 321 अल्पसंख्यक बहुल शहर (एमसीटी) और पहली बार जोड़े गए 109 अल्पसंख्यक बहुल जिला मुख्यालय (एमसीडी मुख्यालय) शामितल् हैं। इस योजना को अब 2022-23 से लागू करने के लिए सभी आकांक्षी जिलों सहित देश के सभी जिलों में पुन: संशोधित किया गया है।

इसके अलावा, वर्ष 2014-15 से, मंत्रालय ने पीएमजेवीके के तहत 18257.89 करोड़ रु. की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इस अवधि के दौरान 49,000 से अधिक प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है जिसमें 38 डिग्री कॉलेज, 177 आवासीय विद्यालय, 1,550 स्कूल भवन, 23,094 अतिरिक्त कक्षा कमरे, 14,312 शिक्षण सहायता और म्मार्ट कक्षाएं, 691 छात्रावास, 27 कामकाजी महिला छात्रावास, 94 आईटीआई भवन और 17 आईटीआई में अतिरिक्त सुविधाएं, 14 पॉलिटेक्निक, 31 कौशल केंद्र, 2324 स्वास्थ्य परियोजनाएं, 01 मेडिकल कॉलेज, 01 यूनानी मेडिकल कॉलेज, 01 नर्सिंग छात्रावास और भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज और संबदध अस्पतालों में हमीदिया अस्पताल का उन्‍नयन, 01 कृषि कॉलेज, 01 मेडिकल हुनर हब परियोजना जिसमें 300 बिस्तरों की क्षमता वाला अस्पताल की सुविधाएं, एक नर्सिंग कॉलेज, एक पैरामेडिकल कॉलेज और एक फार्मेसी कॉलेज, 2300 की क्षमता वाले छात्रावासों सहित एक कौशल विकास केंद्र और 200 बिस्तर वाली कामकाजी महिला छात्रावास भी, 413 सदभाव मंडप, 01 सदभाव केंद्र, 170 सामान्य सेवा केन्द्र, 553 मार्केट शेड, 12 हुनर हब, 6742 स्वच्छता/शौचालय परियोजनाएं, मणिपुर में लुवांगपोकपा क्रिकेट स्टेडियम के विस्तार सहित 91 खेल सुविधाएं और मेघालय में पीए संगमा आउटडोर स्टेडियम आदि की उन्‍नयन शामिल है। चालू वित्त वर्ष अर्थात्‌ 2021-22 के लिए योजना का बजट परिव्यय 1390.00 करोड़ रु. था जिसे वर्ष 2022-23 के बजट अनुमान में बढ़ाकर 1650 करोड़ रु. कर दिया गया है। 2021-22 के दौरान पीएमजेवीके के तहत 2230.38 करोड़ रु. की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

आंध्र प्रदेश में पीएमजेवीके के तहत आने वाले क्षेत्रों को मूल रूप से 4 जिलों से बढ़ाकर मई 2018 में 6 जिलों में कर दिया गया था जिसमें 07 ब्लॉक और 12 शहरों शामित्र हैं। 2022-23 से इस योजना के लागू करने के लिए और संशोधन के बाद यह योजना आंध्र प्रदेश के सभी जिलों को कवर करेगी। 2014-15 के बाद से आंध्र प्रदेश राज्य में PMJVK के तहत 621.93 करोड़ रु. की कुल 2147 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। आंध्र प्रदेश में स्वीकृत परियोजनाओं में 17-आवासीय स्कूल, 17- स्कूल भवन, 32-हॉस्टल, 108-अतिरिक्त क्लास रूम (एसीआर), 12-शौचालय, 01-लाइब्रेरी, 1-डिग्री कॉलेज, 9-आईटीआई, 4-पॉलीटेक्निक, 1-पॉलिटेक्निक में अतिरिक्त सुविधा, 2-कामकाजी महिला छात्रावास, 224- आंगनवाड़ी केंद्र, 9-सामान्य सेवा केंद्र (CSC), 6- सदभाव मंडप, 4-हुनर हब, 1700- साइकिल आदि शामित्र हैं।

2014-15 से आंध्र प्रदेश में आवंटित और जारी की गई जिलेवार निधि मंत्रालय की वेबसाइट www.minorityaffairs.gov.in पर उपलब्ध है।


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