सुप्रीम कोर्ट ने JEE NEET परीक्षा कराने के पक्ष में,कहा- साल बर्बाद नहीं कर सकते Supreme court gives green signal to conduct NEET-JEE exam

सुप्रीम कोर्ट ने NEET-JEE परीक्षा कराने को दी हरी झंडी, कहा- साल बर्बाद नहीं कर सकते Supreme court gives green signal to conduct NEET-JEE exam, says- can't waste years

जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Mains को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया.

NEET-JEE exam

सुप्रीम कोर्ट ने JEE NEET परीक्षा कराने के पक्ष में 

सुप्रीम कोर्ट ने NEET और JEE परीक्षा के आयोजन के‌ खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है. इसके साथ ही परीक्षा आयोजन को हरी झंडी दे दी गई है. जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Mains को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया.

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याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि क्या देश में सब कुछ रोक दिया जाए? एक कीमती साल को यूं ही बर्बाद हो जाने दिया जाए? याचिका में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते सिंतबर में प्रस्तावित JEE Mains और NEET UG परीक्षाओं को टालने की मांग की गई थी.

मामले की सुनवाई जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच कर रही है. बता दें कि जेईई परीक्षा 1 सितंबर से 6 सितंबर तक आयोजित की जानी है. वहीं नीट परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित करने की योजना है. इस परीक्षा को स्थगित करने की मांग को लेकर 11 राज्यों के 11 छात्रों ने ये परीक्षाएं स्थगित करने के अनुरोध के साथ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

याचिका में कोरोना वायरस महामारी का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेन्सी (एनटीए) की तीन जुलाई की नोटिस रद्द करने का अनुरोध किया गया था. इस नोटिस के माध्यम से ही एनटीए ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मुख्य, अप्रैल, 2020 और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) सितंबर में कराने का निर्णय लिया है. याचिका में प्राधिकारियों को सामान्य स्थिति बहाल होने के बाद ही इन परीक्षाओं को आयोजित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था.

इस परीक्षा को स्थगित कराने की मांग पिछले महीने से चल रही है. जुलाई के पहले सप्ताह में देश भर के छात्रों ने सोशल मीडिया पर #rip nta से मुहिम चलाई थी. छात्रों का तर्क है कि ऐसे कठिन समय पर जब महामारी चरम पर है, ऐसी परीक्षा आयोजित होने पर उनके स्वास्थ्य पर गलत असर पड़ने पर इसका जवाब कौन देगा.

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छात्रों के अनुसार जब सभी परीक्षाएं या तो रद्द हो रही हैं या स्थगित हो रही हैं, तो जेईई और एनईईटी को स्थगित क्यों नहीं किया जा रहा है. बता दें कि एक जुलाई को मध्य पूर्व के देशों में बसे NEET उम्मीदवारों के माता-पिता ने SC में याचिका दायर की है. अभ‍िभावकों ने मध्य पूर्व देशों में NEET परीक्षा केंद्र निर्धारित करने या Covid 19 के मद्देनजर NEET स्थगित करने का विकल्प मांगा था. बता दें कि इससे पहले केरल उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते CBSE ने 12वीं बोर्ड की बची हुई परीक्षाएं रद्द की थीं. इसके अलावा कई अन्य परीक्षाएं भी स्थगित की गईं थीं. बता दें कि NEET 2020 के लिए कुल 15,93,452 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है. 2019 में, पहली बार, 15 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण किया था. NEET 2020 के लिए, जम्मू और कश्मीर से कुल 33,357 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था.

बता दें कि इस बारे में एनटीए ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि NEET परीक्षा का आयोजन सोशल डिस्टेंसिंग का नियम पालन कर किया जाएगा. इसलिए परीक्षा केंद्रों की संख्या दोगुनी की जा रही है. छात्रों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए और कोविड 19 महामारी के सभी प्रोटोकॉल फॉलो करते हुए ये परीक्षा आयोजित की जाएगी.

Source : https://aajtak.intoday.in

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