सरकार ने आयकर नियम में किए सात बड़े बदलाव


पैन-आधार लिंक से लेकर रिटर्न दाखिल करने की डेड लाइन तक, सरकार ने आयकर नियम में किए सात बड़े बदलाव From the PAN-Aadhaar link to the deadline for filing returns, the government made seven major changes in the income tax rule
deadline for filing returns

कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने करदाताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने डायरेक्ट टैक्स, बेनामी कानून को लेकर समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है। इस कदम का उद्देश्य करदाताओं और व्यवसायों को राहत देना है। इसके साथ सरकार ने वित्त वर्ष 2019 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की तारीख बढ़ाने के साथ-साथ पैन को आधार से जोड़ना तारीख भी बढ़ा दिया है। आइए जानते हैं कि सरकार की ओर से आयकर नियम के किए गए सात बड़े बदलाव। 

रिटर्न दाखिल करने की तारीख

वित्त वर्ष 2018-19 के लिए मूल या संशोधित रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई 2020 तक कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आयकर दाखिल करने की तारीख बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 तक कर दिया गया है। इसका मतलब जो रिटर्न 31 जुलाई और 31 अक्तूबर 2020 तक फाइल करना था उसे अब 30 नवंबर तक फाइल किया जा सकता है। 

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निवेश करने की समयसीमा 

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान टैक्स छूट पाने के लिए विभिन्न योजनाओं में निवेश के लिए समय भी एक नहीने बढ़ाकर 31 जुलाई 2020 कर दिया है। इस तरह करदाता आयकर कानून की धारा 80सी, 80डी और 80जी के तहत 31 जुलाई 2020 तक निवेश करके इन छूट का दावा कर सकते हैं।

पैन-आधार लिंक

पैन-आधार लिंक करने की तारीख को भी 30 जून 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च 2021 कर दिया गया है। अगर पैन-आधार समय से पहले लिंक नहीं किया तो पैन कार्ड बेकार माना जाएगा। सीबीडीटी ने कहा है कि जो लोग इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर रहे हैं उनके लिए पैन कार्ड को आधार से जोड़ना अनिवार्य है।

पेनल्टी में राहत: छोटे और मध्यम वर्ग के करदाताओं को राहत देने के लिए कर स्व-मूल्यांकन कर टैक्स भुगतान की तिथि भी बढ़ाकर 30 नवंबर, 2020 कर दिया गया है।

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पूंजीगत लाभ मामले में भी राहत 

आयकर कानून की धारा 54 से लेकर 54जीबी के तहत पूंजीगत लाभ के मामले में ‘रोल ओवर’ लाभ, कटौती का दावा करने के वास्ते निवेश करने, निर्माण अथवा खरीदारी की समयसीमा को भी 30 सितंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है। इस लिहाज से अब 30 सितंबर 2020 तक किया गया निवेश, निर्माण अथवा खरीद पूंजीगत लाभ के तहत कटौती का दावा करने का आधार होगा।

कर आडिट रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा

कर आडिट रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा को भी 31 अक्तूबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है। इसी तरह विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) स्थित इकाइयों द्वारा आयकर कानून की धारा 10एए के तहत कटौती का दावा करने के लिये कामकाज शुरू करने की तिथि को भी 30 सितंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है। यह सुविधा ऐसी इकाईयों के लिये होगी जिन्हं जरूरी मंजूरियां 31 मार्च 2020 तक मिल चुकी हैं।

बेनामी कानून: इसके अलावा विभिन्न प्रत्यक्ष कर और बेनामी कानून के तहत विभिन्न अनुपालनों के संबंध में प्राधिकरण द्वारा आदेश पारित करने अथवा नोटिस जारी करने की समयसीमा को 31 दिसंबर 2020 से आगे बढ़ाकर 31 मार्च 2021 कर दिया गया है। 

Source : https://www.livehindustan.com

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