Delhi-NCR region, these days frequent earthquakes दिल्‍ली-एनसीआर क्षेत्र में, इन दिनों बार-बार भूकंप आना 

भारत सरकार
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय

लोक सभा

अतारांकित प्रश्न सं. 2412
बुधवार, 21 दिसम्बर, 2022 को उत्तर दिए जाने के लिए

दिलली-एनसीआर में भूकंप

12412. श्री उपेन्द्र सिंह रावत:

क्या पृथ्वी विज्ञान मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) क्या यह सच है कि देश में, विशेषकर दिल्‍ली-एनसीआर क्षेत्र में, इन दिनों बार-बार भूकंप आना एक सामान्या बात हो गई है;
Delhi-NCR region, these days frequent earthquakes
(ख). यदि हां, तो तस्संबंधी ब्यौरा क्या है और इसके क्या कारण हैं;

(ग) इन बार-बार आने वाले भूकंपों के कारण होने वाली मौतों, वित्तीय नुकसान आदि के संबंध में राज्य/संघ राज्यक्षेत्र-वार कुल कितनी हानि हुई है;

(घ) क्या सरकार देश में भूकंप संबंधी घटनाओं की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए कोई उपाय कर रही है; और

(ड). यदिहां, तो तस्ंसंबंधी ब्यौरा क्या है और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण है?

उत्तर
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

(डॉ. जितेंद्र सिंह)

(क),(ख), (घ) और (ड): दिल्‍ली के आसपास एवं देश में भी भूकंपों के ज्ञान की वर्तमान स्थिति भूकंप आने की आवृत्ति में ऐसा कोई निश्चित पैटर्न नहीं दर्शाती है, जो कि भूकंप गतिविधि में किसी वृद्धि का संकेत देती हो। तथापि, हाल के वर्षों में, दिल्‍ली एवं देश में भूकंपीय निगरानी में अच्छा-खासा सुधार हुआ है, और यहां तक कि कम परिमाण वाले भूकंपों का भी स्वचालित रूप से पता लगा लिया गया है तथा राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) की वेबसाइट, मोबाइल ऐप तथा अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से प्रसारित कर दिया गया है। इससे देश में भूकंप गतिविधि में सुधार का आभास होता है, जिस पर अन्यथा पहले ध्यान नहीं दिया जाता था। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अन्तर्गत राष्ट्रीय भूकम्प विज्ञान केन्द्र देश में और देश के आसपास भूकम्प की निगरानी करने के लिए भारत सरकार का नोडल अभिकरण है। इस उद्देश्य के लिए, राष्ट्रीय भूकम्प विज्ञान केन्द्र ने एक राष्ट्रीय भूकम्प-विज्ञानीय नेटवर्क बनाया हुआ है, जिसमें देशभर में फैली हुई 152 वेधशालाएं शामिल हैं। राष्ट्रीय भूकम्प विज्ञान केन्द्र द्वारा रिपोर्ट किए गए भूकंपों की जानकारी, संबंधित केंद्रीय और राज्य आपदा प्राधिकरणों को कम से कम संभव समय में प्रसारित की जाती है, ताकि इसकी वेबसाइट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पर्याप्त शमन उपाय शुरू किए जा सकें। भूकंपों की विस्तृत जानकारी राष्ट्रीय भूकम्प विज्ञान केन्द्र की वेबसाइट (5७७7710.90५.॥7) पर भी उपलब्ध है।यह उल्लेख करना समीचीन होगा कि हाल के वर्षों में भारत में किसी तेज (स्ट्रॉन्‍न्ग) से लेकर बहुत तेज (मेगा) भूकंप की कोई घटना नहीं हुई है और न ही किसी क्षतिकारी भूकंप की कोई रिपोर्ट मिली है।

(ग) दिल्‍ली-एनसीआर के साथ-साथ अन्य राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में भूकंपों के कारण हुई मौतों, वित्तीय नुकसान आदि के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं है।


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