Performance Grading Index for States / UTs for the year 2020-2021 releases by Ministry of Education

Ministry of Education शिक्षा मंत्रालय

Ministry of Education releases report on Performance Grading Index for States/UTs for the year 2020-21

शिक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2020-21 के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन श्रेणी सूचकांक पर रिपोर्ट जारी की

The report graded performance of States/ UTs on a uniform scale

रिपोर्ट ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन को एकसमान पैमाने पर वर्गीकृत किया

Indian Education System is one of the largest in the world with about 14.9 lakh schools, 95 lakh teachers, and nearly 26.5 crore students

लगभग 14.9 लाख स्कूलों, 95 लाख शिक्षकों और लगभग 26.5 करोड़ छात्रों के साथ भारतीय शिक्षा प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणालियों में एक है

Gujarat, Rajasthan and Andhra Pradesh are the new entrants to Level II in 2020-21, the highest achieved level of any State so far

गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश नए राज्य हैं, जो 2020-21 में स्तर II में शामिल हुए हैं, यह अब तक किसी भी राज्य द्वारा हासिल किया गया उच्चतम स्तर है

Posted On: 03 NOV 2022 10:05AM by PIB Delhi

The Department of School Education and Literacy, Ministry of Education today released the Performance Grading Index (PGI) for States/UTs for 2020-21, a unique index for evidence based comprehensive analysis of school education system across State/UTs.

स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने आज 2020-21 के लिए राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों का प्रदर्शन श्रेणी सूचकांक (पीजीआई) जारी किया, जो राज्य / केंद्रशासित प्रदेशों में स्कूली शिक्षा प्रणाली के साक्ष्य आधारित व्यापक विश्लेषण का एक विशिष्ट सूचकांक है।

Performance Grading Index for States

The Indian Education System is one of the largest in the world with about 14.9 lakh schools, 95 lakh teachers, and nearly 26.5 crore students from varied socio-economic backgrounds. DoSE&L devised PGI for States/UTs to provide insights and data driven mechanism on the performance and achievements of on the success of school education across all States/UTs. The prime objective of PGI is to promote evidence-based policy making and highlight course correction to ensure quality education for all. So far, DoSE&L has released PGI report for the year 2017-18, 2018-19 and 2019-20. The present report is for the year 2020-21.

भारतीय शिक्षा प्रणाली लगभग 14.9 लाख स्कूलों, 95 लाख शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के लगभग 26.5 करोड़ छात्रों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणालियों में एक है। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में स्कूली शिक्षा की सफलता के सम्बन्ध में प्रदर्शन और उपलब्धियों पर अंतर्दृष्टि और डेटा संचालित व्यवस्था प्रदान करने हेतु सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों के लिए पीजीआई तैयार किया। पीजीआई का मुख्य उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देना और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाठ्यक्रम सुधार को रेखांकित करना है। अब तक, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए पीजीआई रिपोर्ट जारी की है। वर्तमान रिपोर्ट वर्ष 2020-21 के लिए है।

The PGI structure comprises of 1000 points across 70 indicators grouped into 2 categories viz., Outcomes, Governance Management (GM). These categories are further divided into 5 domains, viz., Learning Outcomes (LO), Access (A), Infrastructure& Facilities (IF), Equity (E) & Governance Process (GP).

पीजीआई संरचना के लिए 70 संकेतकों में 1000 अंक शामिल किये गये हैं, जिन्हें 2 श्रेणियों में बांटा गया है, परिणाम और शासन प्रबंधन (जीएम)। इन श्रेणियों को आगे 5 उप-श्रेणियों में विभाजित किया गया है; सीखने के परिणाम (एलओ), पहुँच (ए), अवसंरचना और सुविधाएं (आईएफ), समानता (ई) और शासन प्रक्रिया (जीपी)।

As was done in the previous years, PGI 2020-21 classified the States/UTs into ten grades viz., highest achievable Grade is Level 1, which is for State/UT scoring more than 950 points out of total of 1000 points.  The lowest grade is Level 10 which is for score below 551.  The ultimate aim of PGI is to propel States & UTs towards undertaking multi-pronged interventions that will bring about the much-desired optimal education outcomes covering all dimensions.  The PGI is expected to help States and UTs to pinpoint the gaps and accordingly prioritize areas for intervention to ensure that the school education system is robust at every level.

जैसा पिछले वर्षों में किया गया था, पीजीआई 2020-21 ने राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को दस श्रेणियों में वर्गीकृत किया है, उच्चतम श्रेणी स्तर 1 है, जो कुल 1000 अंकों में से 950 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के लिए है। निम्नतम श्रेणी स्तर 10 है, जो 551 से कम अंक के लिए है। पीजीआई का अंतिम उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बहु-आयामी हस्तक्षेप करने के लिए बढ़ावा देना है, जो सभी आयामों को शामिल करते हुए वांछित इष्टतम शिक्षा परिणाम प्राप्त करने में सहायता करेगा। उम्मीद है कि पीजीआई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कमियों की पहचान करने में मदद करेगा, जिससे हस्तक्षेप के लिए क्षेत्रों की प्राथमिकता तय की जा सकेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्कूली शिक्षा प्रणाली हर स्तर पर मजबूत है।

A total of 7 States and UTs, Viz., Kerala, Punjab, Chandigarh, Maharashtra, Gujarat, Rajasthan, and Andhra Pradesh have attained Level II (score 901-950) in 2020-21 as compared to none in 2017-18 and 4 in 2019-20. Gujarat, Rajasthan and Andhra Pradesh are the new entrants to highest achieved level of any State  so far.

कुल 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों - केरल, पंजाब, चंडीगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश ने 2020-21 में स्तर II (स्कोर 901-950) हासिल किया है, जबकि 2017-18 में इस स्तर में कोई भी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश शामिल नहीं था। 2019-20 में इस स्तर में 4 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश थे। गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश अब तक किसी भी राज्य द्वारा प्राप्त उच्चतम स्तर को हासिल करने वाले नए राज्य हैं।

The newly formed UT viz., Ladakh has made significant improvement in PGI from Level 8 to Level 4 in 2020-21 or improved its score by 299 points in 2020-21 as compared to 2019-20 resulting into highest ever improvement in a single year.

नवगठित केंद्र शासित प्रदेश, लद्दाख ने 2020-21 में पीजीआई के सन्दर्भ में स्तर 8 से स्तर 4 हासिल करके महत्वपूर्ण सुधार किया है, अर्थात 2019-20 की तुलना में 2020-21 में अपने अंकों में 299 अंकों का सुधार किया है, जो एक वर्ष में अब तक का सबसे अधिक सुधार है।

PGI Scores and grades achieved by States/UTs in 2020-21 bear a testimony to the efficacy of the PGI system. The indicator-wise PGI score shows the areas where a State needs to improve. The PGI will reflect the relative performance of all the States/UTs in a uniform scale which encourages them to perform better and to adopt best practice followed by performers.

2020-21 में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्राप्त पीजीआई अंक और श्रेणी, पीजीआई प्रणाली के प्रभावी होने के प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। संकेतक-वार पीजीआई अंक उन क्षेत्रों को दर्शाते हैं, जिनमें किसी राज्य को सुधार करने की आवश्यकता है। पीजीआई सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सन्दर्भ में प्रदर्शन को एकसमान पैमाने पर दिखाएगा, जो उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने वालों द्वारा अपनाए गए सर्वोत्तम तौर-तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

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