Quick OPD registrations आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब शीघ्र ओपीडी पंजीकरण संभव

Ministry of Health and Family Welfare
स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

Quick OPD registrations now possible under Ayushman Bharat Digital Mission
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब शीघ्र ओपीडी पंजीकरण संभव

ABDM introduced QR Code based rapid OPD registration service at Lady Hardinge Medical College (LHMC) & Smt. Sucheta Kriplani Hospital (SSKH) Hospital in New Delhi

एबीडीएम ने दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) और श्रीमती सुचेता कृपलानी अस्पताल (एसएसकेएच) में क्यूआर कोड आधारित शीघ्र ओपीडी पंजीकरण सेवा शुरू की

More health facilities in New Delhi to offer QR Code based OPD registration service powered by ABDM

एबीडीएम की ओर से संचालित क्यूआर कोड आधारित ओपीडी पंजीकरण सेवा को नई दिल्ली के और अधिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध करवाया जाएगा

Posted On: 06 OCT 2022 5:44PM by PIB Delhi
Quick OPD registrations

The National Health Authority (NHA) under its flagship scheme Ayushman Bharat Digital Mission (ABDM) is undertaking a pilot for faster OPD registration service at the new OPD block of Lady Hardinge Medical College (LHMC) & Smt. Sucheta Kriplani Hospital (SSKH) in New Delhi. This service allows old as well as new patients to simply scan a QR Code and share their demographic details like name, father name, age, gender, address, mobile number etc. with the hospital. This helps to reduce the time taken at the OPD registration counter, provides accurate data in the hospital record and, most importantly, avoid the wait in the long queues. The service is planned to be extended to other health facilities and departments soon.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) अपनी प्रमुख योजना आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) और श्रीमती सुचेता कृपलानी अस्पताल (एसएसकेएच) के नए ओपीडी ब्लॉक में शीघ्र ओपीडी पंजीकरण सेवा के लिए एक प्रायोगिक सेवा शुरू कर रहा है। यह सेवा पुराने और साथ ही नए रोगियों को केवल एक क्यूआर कोड को स्कैन करने और अस्पताल के साथ अपने जनसांख्यिकीय विवरण जैसे कि नाम, पिता का नाम, आयु, लिंग, पता और मोबाइल नंबर आदि साझा करने की अनुमति देती है। यह ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर लगने वाले समय को कम करने में सहायता करने के साथ अस्पताल के रिकॉर्ड में सटीक डेटा प्रदान करती है। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे लंबी कतारों में प्रतीक्षा करने से बचने की सुविधा देती है। इस सेवा को जल्द ही अन्य स्वास्थ्य केंद्रों और विभागों में विस्तारित करने की योजना है।

The QR Code based OPD registration service allows the patients to scan the hospital’s unique QR Code with their mobile phone (using phone camera/scanner/ABHA App/Arogya Setu App/or any other ABDM enabled App) and share their profile details with the hospital. Once the profile is shared, the hospital provides a token number (queue number). The token generated is sent as a notification to the patient’s selected app and is also displayed on the screens placed at the OPD registration counters for the ease of patients. As per their token number, the patient can go to the registration counter and directly collect their outpatient slip (OP Slip) for doctor consultation as their details are already present at the registration counter.

क्यूआर कोड आधारित ओपीडी पंजीकरण सेवा रोगियों को अपने मोबाइल फोन (फोन कैमरा/स्कैनर/आभा एप/आरोग्य सेतु एप/या किसी अन्य एबीडीएम सक्षम एप का उपयोग करके) अस्पताल के यूनिक क्यूआर कोड को स्कैन करने और अस्पताल के साथ अपने प्रोफाइल विवरण साझा करने की अनुमति देती है। एक बार प्रोफाइल साझा करने के बाद अस्पताल एक टोकन नंबर (पंक्ति संख्या) प्रदान करता है। यह निर्मित किया गया टोकन रोगी के चयनित एप को एक अधिसूचना के रूप में भेजा जाता है और रोगियों की आसानी के लिए ओपीडी पंजीकरण काउंटरों पर प्रदर्शित स्क्रीन पर भी दिखाया जाता है। अपने टोकन संख्या के अनुसार रोगी पंजीकरण काउंटर पर जा सकते हैं और सीधे डॉक्टर से परामर्श के लिए अपनी आउट पेशेंट पर्ची (ओपी स्लिप) प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि उनका विवरण पंजीकरण काउंटर पर पहले से उपलब्ध है।

Talking about the benefits of this service, Dr. R.S. Sharma, CEO, NHA said – “Under the ABDM, we’re using technology to simplify processes and make healthcare more efficient. The QR Code based rapid OPD registration service is a step in this direction. It helped over 2200 patients avoid the hustle of long queues with considerably reduced waiting time and minimal time at the registration counter within 15 days of this pilot in LHMC & SSKH. The direct profile sharing has also helped achieve higher level of accuracy in patient records. Our team is working with other health facilities and departments to extend this service and help more patients.”

इस सेवा के लाभों के बारे में एनएचए के सीईओ डॉ. आर.एस. शर्मा ने कहा- "एबीडीएम के तहत हम प्रक्रियाओं को सरल बनाने और स्वास्थ्य सेवा को और अधिक कुशल बनाने के लिए तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। क्यूआर कोड आधारित त्वरित ओपीडी पंजीकरण सेवा इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है। इसने एलएचएमसी और एसएसकेएच में इस प्रायोगिक सेवा के शुरू होने के 15 दिनों के भीतर पंजीकरण काउंटर पर काफी कम प्रतीक्षा समय और न्यूनतम समय के साथ 2200 से अधिक रोगियों को लंबी कतारों की भीड़ से बचने में सहायता की है। इसके अलावा प्रत्यक्ष प्रोफाइल साझाकरण ने रोगी रिकॉर्ड में उच्च स्तर की सटीकता प्राप्त करने में भी सहायता की है। हमारी टीम इस सेवा का विस्तार करने और अधिक रोगियों की सहायता करने के लिए अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं और विभागों के साथ काम कर रही है।”

The ABDM team worked closely with the team of LHMC/ SSKH to set-up the QR Code based faster registration service for their OPD block. Appropriate messaging and kiosk were put up to significantly reduce the waiting time for patients. Further, to assist the patients, support personnel were also posted to help them understand the steps and benefits of using this service. The team also helped the patients create their Ayushman Bharat Health Account or ABHA numbers that shall help them in digitizing their health records. These services will now be extended to more health facilities like hospitals, clinics, diagnostic labs etc. to help the patients save time and efforts.

एबीडीएम की टीम ने अपने ओपीडी ब्लॉक के लिए क्यूआर कोड आधारित त्वरित पंजीकरण सेवा शुरू करने के लिए एलएचएमसी/एसएसकेएच की टीम के साथ मिलकर काम किया है। रोगियों के लिए प्रतीक्षा समय को काफी कम करने के लिए उचित संदेश और कियोस्क लगाए गए। इसके अलावा रोगियों की सहायता के लिए इस सेवा का उपयोग करने के चरणों और लाभों को समझने में सहायता करने को लेकर सहायक कर्मियों को भी तैनात किया गया। टीम ने रोगियों को अपना आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता या आभा नंबर निर्मित करने में भी सहायता की, जो उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने में सहायता करेगा। रोगियों के समय और प्रयास को बचाने में सहायता करने को लेकर इन सेवाओं को अब अस्पतालों, क्लीनिकों और नैदानिक ​​प्रयोगशालाओं आदि जैसी अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं तक बढ़ाया जाएगा।

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