Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana योजना के तहत 1,07,059 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का भुगतान किया जा चुका है

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana योजना के तहत 1,07,059 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का भुगतान किया जा चुका है

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय Ministry of Agriculture & Farmers Welfare

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) ने अपने कार्यान्वयन के 7वें वर्ष में प्रवेश किया

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) enters its 7th year of implementation

पीएमएफबीवाई के तहत के 36 करोड़ से अधिक किसान आवेदकों का बीमा किया गया है

Over 36 crore farmer applications have been insured under PMFBY

योजना के तहत 1,07,059 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का भुगतान किया जा चुका है

Over Rs. 1,07,059 crores of claims have already been paid under the scheme

'मेरी पॉलिसी मेरे हाथ' - किसानों को फसल बीमा पॉलिसी देने के लिए घर-घर वितरण अभियान शुरू किया जाएगा

‘Meri Policy Mere Hath’ - a doorstep distribution drive to be launched to deliver crop insurance policies to farmers

इस योजना में नामांकित लगभग 85 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत किसान हैं

Around 85% of the farmers enrolled with the scheme are small and marginal farmers

Posted On: 18 FEB 2022 4:45PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 18 फरवरी, 2016 को मध्य प्रदेश के सीहोर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) की शुरूआत की घोषणा के 6 वर्ष पूरा होने के बाद, इस योजना ने आगामी खरीफ 2022 सीज़न के साथ अपने कार्यान्वयन के 7वें वर्ष में सफलतापूर्वक प्रवेश किया है।

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana

The Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) has successfully entered its 7th year of implementation with the upcoming Kharif 2022 season, completing 6 years of its implementation since its launch announcement on 18th February 2016 by Prime Minister Shri Narendra Modi at Sehore, Madhya Pradesh.

पीएमएफबीवाई भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल के नुकसान/क्षति से पीड़ित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। पीएमएफबीवाई के तहत 36 करोड़ से अधिक किसानों का बीमा किया गया है। 4 फरवरी, 2022 तक इस योजना के तहत 1,07,059 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का भुगतान किया जा चुका है।

A flagship scheme of the Government of India, PMFBY aims to provide financial support to farmers suffering crop loss/damage arising out of natural calamities. Over 36 crore farmer applications have been insured under PMFBY, with over INR 1,07,059 crores of claims have already been paid under the scheme as of 4th February, 2022.

यह योजना 6 साल पहले शुरू की गई थी, जिसे 2020 में किसानों की स्वैच्छिक भागीदारी को आसान बनाने के लिए नया रूप दिया गया था। इसके माध्यम से किसान फसल बीमा ऐप, सीएससी केंद्र या निकटतम कृषि अधिकारी के माध्यम से किसी भी घटना के 72 घंटे के भीतर फसल के नुकसान की रिपोर्ट आसानी से कर सकते हैं। साथ ही, पात्र किसान के बैंक खातों में इलेक्ट्रॉनिक रूप से दावे की धनराशि भी अंतरित की गई।

Launched 6 years ago, the scheme was revamped in 2020 enabling voluntary participation of the farmers. It also made it convenient for the farmer to report crop loss within 72 hours of the occurrence of any event - through Crop Insurance App, CSC Centre or the nearest agriculture officer, with claim benefit transferred electronically into the bank accounts of the eligible farmer.

पीएमएफबीवाई के राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (एनसीआईपी) के साथ भूमि रिकॉर्ड का एकीकरण, किसानों के आसान नामांकन के लिए फसल बीमा मोबाइल ऐप, एनसीआईपी के माध्यम से किसान प्रीमियम का प्रेषण, सब्सिडी रिलीज मॉड्यूल और एनसीआईपी के माध्यम से दावा रिलीज मॉड्यूल इस योजना की कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं।

Integration of land records with the PMFBY’s National Crop Insurance Portal (NCIP), Crop Insurance mobile app for easy enrollment of farmers, remittance of farmer premium through NCIP, a subsidy release module and a claim release module through NCIP are some of the key features of the scheme.

अपनी राज्य/जिला स्तरीय शिकायत समिति के माध्यम से, यह योजना किसानों को जमीनी स्तर पर अपनी शिकायतें प्रस्तुत करने में भी सक्षम बनाती है। इसमें आईईसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों की शिकायतों को स्वीकार करना और उनका समाधान करना भी शामिल है, जैसे कि फसल बीमा सप्ताह, जिसे दो बार द्विवार्षिक मनाया जाता है, पीएमएफबीवाई पाठशाला, सोशल मीडिया अभियान, एक टोल-फ्री हेल्पलाइन और ईमेल संचार।

Through its State/District Level Grievance Committee’s, the scheme also enables farmers to submit their grievances at the grassroots level. This also includes acknowledging and resolving farmer grievances through IEC activities such as Crop Insurance Week which is celebrated twice bi-yearly, PMFBY Paathshaala, social media campaigns, a toll-free helpline and email communication.

यह योजना सबसे कमजोर किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में सक्षम रही है, क्योंकि इस योजना में नामांकित लगभग 85 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत किसान हैं। भारत की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा 2022-23 के बजट भाषण के दौरान फसल बीमा के लिए ड्रोन के इस्तेमाल के बारे में हाल की घोषणा से धरातल पर योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए प्रौद्योगिकी का एकीकरण और भी अधिक मजबूत होगा।

The scheme has been able to provide financial assistance to the most vulnerable farmers, as around 85% of the farmers enrolled with the scheme are small and marginal farmers. The recent announcement by Finance Minister of India Smt. Nirmala Sitharaman during her 2022-23 budget speech on the use of drones for crop insurance will further strengthen the integration of technology for smooth implementation of the scheme on the ground.

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस योजना के तहत कार्यान्वयन वाले सभी राज्यों में किसानों को 'मेरी पॉलिसी मेरे हाथ' के लिए फसल बीमा पॉलिसी प्रदान करने के लिए डोर-टू-डोर वितरण अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी किसान पीएमएफबीवाई के तहत अपनी नीतियों, भूमि अभिलेखों, दावे की प्रक्रिया और शिकायत निवारण के बारे में संपूर्ण जानकारी से अच्छी तरह अवगत हैं।

It is to be noted that the scheme will be launching a doorstep distribution drive to deliver crop insurance policies to the farmers ‘Meri Policy Mere Hath’ in all implementing States. The campaign aims to ensure all farmers are well aware and equipped with all information on their policies, land records, the process of claim and grievance redressal under PMFBY.

नोट :- हमारे वेबसाइट www.indiangovtscheme.com पर ऐसी जानकारी रोजाना आती रहती है, तो आप ऐसी ही सरकारी योजनाओं की जानकारी पाने के लिए हमारे वेबसाइट www.indiangovtscheme.com से जुड़े रहे।
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