Know how much TDS will be on salary and new income tax slab जानें वेतन और नए आयकर स्लैब पर कितना लगेगा टीडीएस

Know how much TDS will be on salary and new income tax slab जानें वेतन और नए आयकर स्लैब पर कितना लगेगा टीडीएस 
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आयकर विभाग ने उन लोगों के लिए एक क्लेरिफिकेशन जारी किया है, जो बजट 2020 में घोषित किए गए नए टैक्स स्लैब का चयन करना चाहते हैं।  नया इनकम टैक्स स्लैब इस साल 1 अप्रैल से लागू हो गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने अपने परिपत्र में कहा है कि नियोक्ता कर्मचारियों से एक डिक्लेरेशन ले सकते हैं, जिसमें  कर्मचारी पुरानी या नई कर व्यवस्था को चुने। कर्मचारी द्वारा चुने विकल्प के आधार पर  पुरानी कर व्यवस्था या नई रियायती कर दरों के अनुसार नियोक्ता TDS घटा सकते हैं।

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आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 192 कहती है कि प्रत्येक नियोक्ता को कर्मचारी को वेतन का भुगतान करते समय अनिवार्य रूप से कर में कटौती करनी होती है। कर की दर लागू आयकर स्लैब के अनुरूप होनी चाहिए। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2021 के लिए कर्मचारियों के लिए उपलब्ध दोहरे आयकर स्लैब के साथ इस पर भ्रम था कि वेतन पर टैक्स कैसे काटा जाना चाहिए।

बता दें नई कर दरों के तहत 2.5 लाख रुपये तक की आय के कोई टैक्स नहीं देना है। जबकि 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की आय पर 5% टैक्स चुकाना होगा। वहीं 5 लाख रुपये और 7.5 लाख रुपये तक की आय के लिए 10% और 7.5 लाख रुपये और 10 लाख रुपये तक की आय के लिए 15% टैक्स देना होगा। 10 लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये तक की आय के लिए 20% और  12.5 लाख रुपये और 15 लाख रुपये तक की आय के लिए 25% टैक्स का पा्रवधान है। नई व्यवस्था में 15 लाख से ऊपर की आय के लिए 30% टैक्स चुकाना है।

आयकर विभाग का स्पष्टीकरण
  • कर्मचारी, जो व्यवसाय या पेशे से आय नहीं करते हैं, उन्हें अपने नियोक्ताओं को अपने वेतन से स्रोत या टीडीएस पर कर की कटौती के लिए नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनने के अपने इरादे के बारे में सूचित करना होगा।
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  • आयकर अधिनियम में मौजूद पुराने स्लैब के तहत उन पर कर लगाया जाता रहेगा, अगर वे विकल्प का इस्तेमाल नहीं करते हैं
  • यह वर्ष के लिए लागू होगा और कर्मचारियों द्वारा TDS के लिए नई रियायती कर दरों का चयन करने के अपने इरादे के बारे में नियोक्ता को सूचित करने के बाद इसे संशोधित नहीं किया जाएगा।
  • आयकर विभाग के अनुसार, एक कर्मचारी आयकर रिटर्न दाखिल करते समय कर ढांचे के विकल्प को बदल सकता है और टीडीएस भुगतान की राशि तदनुसार समायोजित की जाएगी।
  • कटौतीकर्ता कुल आय की गणना करेगा और आयकर अधिनियम की धारा 115 बीएसी के प्रावधान के अनुसार टीडीएस काटेगा। यदि इस तरह की सूचना कर्मचारी द्वारा नहीं दी जाती है तो नियोक्ता अधिनियम की धारा 115 बीएसी के प्रावधान पर विचार किए बिना टीडीएस बनाएगा।
Source : https://www.livehindustan.com

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