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Higher Inclusive Growth to the Finance Commission, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्त आयोग के बेहतर समावेशी विकास को बढ़ावा देने की सिफारिशें की

Press Information Bureau 
Government of India
Finance Commission
11-April-2019 16:40 IST

Ministry of Rural Development presents Recommendations for Fostering Higher Inclusive Growth to the Finance Commission. 

The Ministry of Rural Development headed by Secretary Shri Amarjeet Sinha, today made a detailed presentation on the Ministry’s plans on fostering higher inclusive growth, equity, efficiency and transparency – to the Chairperson Shri N.K. Singh and Members and senior Officials of the Fifteenth Finance Commission.
Fostering+Higher+Inclusive+Growth

The Presentation dwelled upon the changing structure of rural economy; Gram Panchayat led, data driven and accountable development approach; governance reforms for better outcomes and other specific proposals for rural development.

The Ministry made a case for additional resources for Rural India on the account of :-
  • Higher/New State Share – PMGSY, PMAY (G).
  • Extra Budgetary borrowing – PMAY Gramin.
  • Finance Commission transfer.
  • Massive rise in loans to SHGs – Rs.81,077 cr.
  • Increasing incomes through livelihood thrust – farm ponds, wells, animal sheds/resources.
  • Larger effective transfer due to governance reforms – IT/DBT – Decline in leakages.
  • Other specific proposals of Rural Development like maintenance of roads, transfer of certain schemes, and Human Resource Reforms.
The presentation also made a case of Government’s Reforms and conversant Growth Panchayat Development:-

  • Governance Reform and Convergent Gram Panchayat Development Plans as necessary pre-condition for fund transfers
  • Capacity building of Panchayats (along with women SHGs), use of technology, data driven financial management reforms, and geo-tagging as necessary conditions.
  • Comprehensive HR as part of recommendations.
  • Earmarking for road maintenance.
  • Transferring DRDSs to States.
The Commission shall now take into consideration all the issues raised for the purpose of framing its recommendations to the government. 

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्त आयोग के बेहतर समावेशी विकास को बढ़ावा देने की सिफारिशें की 

ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव श्री अमरजीत सिन्हा के नेतृत्व में मंत्रालय ने आज 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री एन.के. सिंह, वित्त आयोग के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आयोग के बेहतर समावेशी विकास, इक्विटी, दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए अपने मंत्रालय की योजनाओं के बारे में एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

इस प्रस्तुति में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बदलती संरचना, ग्राम पंचायत नेतृत्व, डाटा संचालित और जवाबदेह विकास दृष्टिकोण, बेहतर परिणामों के लिए शासन सुधार तथा ग्रामीण विकास के लिए अन्य विशिष्ट प्रस्ताव के बारे में जोर दिया गया।

मंत्रालय ने निम्नलिखित विषयों पर ग्रामीण भारत के लिए अतिरिक्त संसाधनों हेतु एक मुद्दा बनाया है-
  • अधिक हिस्सेदारी / राज्य के हिस्से में बढ़ोतरी – पीएमजीएसवाई, पीएमएवाई (जी)
  • अधिक बजटीय उधार राशि – पीएमएवाई ग्रामीण
  • वित्त आयोग हस्तांतरण
  • स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के ऋणों में भारी बढ़ोतरी – 81,077 करोड़ रुपये
  • आजीविका पर जोर देते हुए आय में बढ़ोतरी – कृषि तालाब, कुएं, पशुओं के शेड/संसाधन
  • शासन सुधारों के कारण अधिक प्रभावी हस्तांतरण – आईटी/प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण – गड़बड़ी रोकना
  • सड़कों के रखरखाव, कुछ योजनाओं का हस्तांतरण और मानव संसाधन सुधार जैसे ग्रामीण विकास के अन्य विशेष प्रस्ताव
प्रस्तुति में सरकार के सुधारों के साथ-साथ कुशल पंचायत विकास के मुद्दे को भी शामिल किया गया-
  • निधि हस्तांतरण के लिए आवश्यक पूर्व शर्त के रूप में शासन सुधार और कुशल ग्राम पंचायत विकास योजनाएं
  • पंचायतों (महिला स्वयं सहायता समूहों सहित) का क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी का उपयोग, डाटा संचालित वित्तीय प्रबंधन सुधार और आवश्यक शर्तों के रूप में जिओ-टैगिंग
  • सिफारिशों के हिस्से के रूप में व्यापक मानव संसाधन
  • सड़क के रखरखाव के लिए निर्धारण
  • राज्यों को डीआरडीएस हस्तांतरित करना
आयोग अब सरकार को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए मंत्रालय द्वारा उठाए गए इन सभी मुद्दों के बारे में विचार-विमर्श करेगा।
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