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Saturday, March 30, 2019

Mahatma Gandhi National Rural Employment Gurantee Act (MNREGA) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा / MNREGA)

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा / MNREGA)

भारत में लागू एक रोजगार गारंटी योजना है, जिसे 2 अक्टूबर 2005 को विधान द्वारा अधिनियमित किया गया। यह योजना प्रत्येक वित्तीय वर्ष में किसी भी ग्रामीण परिवार के उन वयस्क सदस्यों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराती है जो प्रतिदिन 220 रुपये की सांविधिक न्यूनतम मजदूरी पर सार्वजनिक कार्य-सम्बंधित अकुशल मजदूरी करने के लिए तैयार हैं। 2010-11 वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए केंद्र सरकार का परिव्यय 40,100 करोड़ रुपए था।
MNREGA
इस अधिनियम को ग्रामीण लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, मुख्य रूप से ग्रामीण भारत में रहने वाले लोगों के लिए अर्ध-कौशलपूर्ण या बिना कौशलपूर्ण कार्य, चाहे वे गरीबी रेखा से नीचे हों या ना हों। नियत कार्य बल का करीब एक तिहाई महिलाओं से निर्मित है। सरकार एक कॉल सेंटर खोलने की योजना बना रही है, जिसके शुरू होने पर शुल्क मुक्त नंबर 1800-345-22-44 पर संपर्क किया जा सकता है। शुरू में इसे राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA) कहा जाता था, लेकिन 2 अक्टूबर 2009 को इसका पुनः नामकरण किया गया। और इसका नाम महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम रखा गया है

चुनाव आयोग ने गुरुवार को कहा कि उसने ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक अप्रैल से मनरेगा योजना के तहत मजदूरी को संशोधित करने के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत भुगतान की गई मजदूरी को खेतिहर मजदूरों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के साथ जोड़ा जाता है।

एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से नई मजदूरी दरों को अधिसूचित किया जाता है। आचार संहिता लागू होने के चलते मंत्रालय ने अनुमोदन के लिए चुनाव आयोग से संपर्क किया था। उप चुनाव आयुक्त संदीप सक्सेना ने कहा, हमने सशर्त अनुमति दी है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार से वृद्धि को प्रचारित नहीं करने को कहा गया है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग मजदूरी दरें हैं, इसलिए मजदूरी में वृद्धि भी अलग-अलग होगी। कुछ राज्यों में मजदूरी सपाट रह सकती है, जबकि वृद्धि 5 प्रतिशत से अधिक हो सकती है और अन्य में मौजूदा मजदूरी से अधिक हो सकती है।
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