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Friday, February 15, 2019

Number of Cases of Crime Against Women In Passenger Trains

Number of Cases of Crime Against Women In Passenger Trains



रेलगाडियों में महिलाओं के लिए कम्पार्टमेंट

(क) से (घ)  एक विवरण सभा पटल पर रख दिया गया है। रेलगाड़ियों में महिलाओं के लिए कंपार्टमेंट के संबंध में दिनांक 13.02.2019 को लोक सभा में श्री विक्रम उसेंडी और डॉ. बंशीलाल महतो के तारांकित प्रश्न सं.148 के भाग (क) से (घ) के उत्तर से संबंधित विवरण।
रेलगाडियों+में+महिलाओं+के+लिए+कम्पार्टमेंट
(क)  रेल अधिनियम 1989 की धारा 58 में गाड़ियों में महिला यात्रियों के लिए एकोमोडेशन चिहिनत करने का उल्लेख किया गया है। तदनुसार, यात्री गाड़ियों में भारतीय रेलों द्वारा महिला यात्रियों के लिए निम्नलिखित एकोमोडेशन चिहिनत किया गया है:
  • 1. महिल्रा यात्रियों के लिए लंबी दूरी की मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों में सलीपर श्रेणी में छह बर्थ का आरक्षण कोटा है और गरीब रथ/राजधानी/दूरांतो/पूर्णतया वातानुकूलित एक्सप्रेस गाड़ियों की 3एसी श्रेणी में छह बर्थ का आरक्षण कोटा निर्धारित किया गया है। इसके लिए उनकी आयु पर ध्यान नहीं दिया जाता है और इसके लिए इस बात पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है कि महिला यात्री अकेली यात्रा कर रही है या महिला यात्रियों के ग्रुप में यात्रा कर रही है।
  • 2. वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं के लिए प्रत्येक सवारी डिब्बे में सलीपर श्रेणी में नीचे की छह से सात बर्थो और वातानुकूलित 3 टियर (3एसी) के प्रत्येक कोच में नीचे की तीन से चार बर्थों और वातानुकूलित 2 टियर (2एसी) श्रेणी के प्रत्येक सवारी डिब्बे में नीचे की तीन से चार बर्थों का कंबाइन्ड कोटा (गाड़ी में उस श्रेणी में सवारी डिब्बों की संख्या के आधार पर) निर्धारित किया गया है।
  • iii. लंबी दूरी की अधिकांश गाड़ियों में महिलाओं के लिए सेकंड कलास-कम-लगेज-कम-गार्ड कोच (एसएलआर) में सेकंड क्लास का एकोमोडेशन होता है। ५४५. ईएमयू (इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट)/।डीएमयू (डीज़ल मल्टीपल यूनिट)एमएमटीएस (मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम) गाड़ियों और लोकल पैसेंजर ट्रेनों में महिला यात्रियों के लिए  अनन्य रूप से अनारक्षित सवारी डिब्बे/कंम्पार्टमेंट लगाए जाते हैं। यह मांग के स्वरूप और एकोमोडेशन की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
  • iv . मुंबई, कोलकाता, सिकंदराबाद ओर चेन्ने तथा दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) खंडों के उपनगरीय खंडों में लेडीज़ स्पेशल ईएमयू/मेमू/एमएमटीएस सेवाएं चलाई जाती हैं।
(ख)  रेलों पर पुलिस की व्यवस्था करना राज्य सरकार का विषय है, इसलिए रेल्र परिसरों और चलती गाड़ियों में अपराधों की रोकथाम करना, मामलों का पंजीकरण करना, उनकी जांच करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना, राज्य सरकारों का सांविधिक उत्तरदायित्व है, जिसका निर्वहन वे राजकीय रेल पुलिस (रारेपु)जिला पुलिस के जरिए करते हैं। बहरहाल, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) यात्रियों और यात्री क्षेत्र की बेहतर रक्षा और सुरक्षा करने तथा उनसे जुड़े मुद्दों पर राजकीय रेल पुल्निस के प्रयासों में सहायता करता है। रेलवे में अपराध संबंधी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के मामले संबंधित राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा पंजीकृत किए जाते हैं और उन्हीं के द्वारा उनकी जांच की जाती है। रेलवे भारतीय दंड संहिता के अपराधों का डाटा नहीं रखती है। जब कभी रेलों पर अपराध की स्थिति के बारे में किसी सूचना की मांग की जाती है तो राज्य जीआरपी को सूचना मुहैया कराने के लिए अनुरोध किया जाता है। राजकीय रेलवे पुलिस स्टेशनों दवारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के आधार पर भारतीय रेलों पर वर्ष 2016, 2017 एवं 2018 के दौरान जीआरपी द्वारा दर्ज किए गए गाड़ियों में महिला यात्रियों पर बलात्कार, छेड़छाड़ एवं उन पर हमलों के मामलों की संख्या परिशिष्ट के रूप में संलग्न है।

(ग) और (घ)  गाड़ियों में महिला यात्रियों के लिए एकोमोडेशन चिहिनत करना, मांग के स्वरूप के आधार पर इसकी समीक्षा करना और यात्रियों की सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा के लिए अन्य सुविधाओं का प्रावधान करना निरंतर चलने वाली सतत प्रक्रिया है। बहरहाल, उत्तर के भाग (क) में यथा उल्लिखित महिला यात्रियों के लिए चिहिनत एकोमोडेशन के अलावा, महिला यात्रियों की सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलों द्वारा निम्नलिखित अन्य मुख्य कदम (कुछ मामलों में राजकीय रेलवे पुलिस के साथ समन्वय किया गया है) भी उठाए गए हैं:
  • i.  भेद्य और चिहिनत मार्गो/खंडों पर, विभिन्‍न राज्यों के राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा प्रतिदिन 2200 गाड़ियों के मार्गरक्षण के अलावा, रेलवे सुरक्षा बल द्वारा 2500 गाड़ियों (औसतन) का मार्गरक्षण किया जा रहा है
  • ii. विपत्ति के समय यात्रियों को सुरक्षा संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए, भारतीय रेलों पर सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर “182! कार्य कर रहा है।
  • iii. यात्रियों की सुरक्षा संवर्धन और उनकी सुरक्षा से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए रेलें ट्विटर, फेसबुक आदि विभिन्‍न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जरिए महिल्रा यात्रियों सहित यात्रियों के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहती हैं।
  • iv.  महिल्रा यात्रियों के लिए आरक्षित कंपार्टमेंटों में पुरुष यात्रियों का प्रवेश रोकने के लिए अभियान चलाए जाते हैं और पकड़े गए व्यक्तियों पर कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जाता है।
  • v. महानगरों में चलने वाली सभी महिला स्पेशल गाड़ियों का महिला आरपीएफ कांस्टेबलों द्वारा मार्गरक्षण किया जा रहा है। अन्य गाड़ियों, जिनमें एस्कॉर्ट मुहैया कराए गए हैं, में मार्गवर्ती और हॉल्ट स्टेशनों पर गाड़ी मार्गरक्षण पार्टियों को अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों, महिला सवारी डिब्बों पर अतिरिक्त निगरानी रखने के लिए ब्रीफ किया जाता है।
  • vi. यात्रियों की संरक्षा और सुरक्षा निश्चित करने के लिए, भारतीय रेलों के ब्रगअग 453 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों द्वारा निगरानी रखी जाती है।
  • vii.  202 से अधिक संवेदनशील और भेद्य रेलवे स्टेशनों पर निगरानी तंत्र सुदृढ़ करने के लिए सीसीटीवी कैमरा नेटवर्क, एक्सेस कंट्रोल आदि के जरिए भेद्य स्टेशनों की इलैक्ट्रॉनिक निगरानी वाली एकीकृत सुरक्षा प्रणाली अनुमोदित की गई है।
  • viii सभी रेलवे स्टेशनों और यात्री गाड़ियों में उत्तरोतर ढंग से सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली मुहैया कराने की योजना बनाई गई है।
  • ix.  चोरी, झपटमारी, जहर-खुरानी आदि के विरूद्ध सावधानियां बरतने हेतु यात्रियों को जागरूक करने के लिए जन उदघोषणा प्रणाली के माध्यम से निरंतर घोषणाएं की जाती हैं।
  • x. रेल परिसरों के साथ-साथ चलती गाड़ियों में अपराधों की रोकथाम, मामलों के पंजीकरण, उनकी जांच और कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए, सभी स्तरों पर राज्य पुलिस/ राजकीय रेल्र पुत्रिस प्राधिकारियों के साथ निकट समन्वय बनाए रखा जाता है।
  • xi. हमसफर और तेजस गाड़ी सेवाओं में कलोज़ सर्किट टेलीविज़न कैमरे लगाए गए हैं। महिला यात्रियों सहित यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए भारतीय रेलों पर चरणबद्ध आधार पर अन्य सवारी डिब्बों में इन्हें लगाया जा रहा है।
रेलगाड़ियों में महिलाओं के लिए कंपार्टमेंट के संबंध में दिनांक 13.02.2019 को लोक सभा में श्री विक्रम उसेंडी और डॉ. बंशीलाल महतो के तारांकित प्रश्न सं.148 के भाग (ख) के उत्तर से संबंधित परिशिष्ट।

(ख)  भारतीय रेलों पर वर्ष 2016, 2017 एवं 2018 के दौरान जीआरपी द्वारा दर्ज किए गए गाड़ियों में महिला यात्रियों के बलात्कार, छेड़छाड़ एवं उन पर हमलों के मामलों की संख्या निम्नानुसार है:

क्षेत्रीय रेलवे 
वर्ष 
गाड़ियों मै महिला यात्रीयो के विरुद्ध दर्ज किये गए अपराधों के मै संख्या 
बलात्कार 
छेड़खानी 
हमले 
मध्य
2016
0
59
1
2017
0
41
2
2018
2
62
2
 पूर्ब 
2016
0
26
0
2017
0
20
2
2018
0
21
0
  पूर्ब  मध्य 
2016
1
23
1
2017
1
15
0
2018
0
9
0
   पूर्बी तट 
2016
0
2
0
2017
0
5
0
2018
0
8
0
उत्तर
2016
1
22
1
2017
5
25
1
2018
2
26
1
उत्तर मध्य
2016
0
14
0
2017
0
20
0
2018
0
33
0
  पूर्वोत्तर 
2016
4
7
0
2017
0
4
0
2018
1
5
0
  पूर्वोत्तर सीमा 
2016
1
5
3
2017
0
6
1
2018
3
4
1
उत्तर पश्चिम
2016
0
4
2
2017
1
4
0
2018
0
5
0
   क्षेत्रीय रेलवे   वर्ष
गाड़ियों मै महिला यात्रीयो के विरुद्ध दर्ज किये गए अपराधों के मै संख्या 
  बलात्कार 
छेड़खानी 
हमले 
 दक्षिण  2016
0
43
5
2017
0
51
3
2018
2
71
8
 दक्षिण  मध्य 2016
0
12
0
2017
0
14
0
2018
0
11
0
 दक्षिण पूर्ब  2016
0
7
0
2017
0
4
0
2018
1
7
0
 दक्षिण पूर्ब मध्य 2016
0
8
0
2017
1
3
0
2018
1
3
0
 दक्षिण पश्चिम 2016
0
0
0
2017
0
1
0
2018
0
3
0
 पश्चिम 2016
0
18
0
2017
1
16
0
2018
0
30
0
   पश्चिम मध्य 2016
0
29
0
2017
1
20
0
2018
3
30
0
 कुल  2016
7
279
13
2017
10
249
9
2018
15
328
12
भारत सरकार
रेल मंत्रालय

लोक सभा
13.02.2019 के
तारांकित प्रश्न सं. 148 का उत्तर

रेलगाडियों में महिलाओं के लिए कम्पार्टमेंट

148. श्री विक्रम उसेंडी
        डॉ. बंशीलाल महतो

क्या रेल मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि
  • (क) कया देश में महत्वपूर्ण मार्गों पर चलने वाली विभिन्‍न रेलगाडियों में महिलाओं के लिए कम्पार्टमेंटों की संख्या बहुत कम है और यदि हां, तो इसके क्या कारण हैं;
  • (ख) विगत तीन वर्षों के दौरान महिलाओं के साथ बलात्कार, छेड़छाड़ एवं उन पर हमलों के आरपीएफ तथा जीआरपीएफ द्वारा दर्ज मामलों की क्षेत्र/जोन-वार संख्या कितनी है;
  • (ग) क्या सरकार का रेलगाडियों में महिला यात्रियों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु महिला कम्पार्टमेंटों/डिब्बों की संख्या में वृद्धि करने का विचार है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है; और
  • (घ) सरकार द्वारा महिला यात्रियों की सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा हेतु अन्य क्या कदम उठाए गए/उठाए जा रहे हैं?
उत्तर
रेल, कोयला, वित्त एवं कारपोरेट कार्य मंत्री 
(श्री पीयूष गोयल)

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