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Coal Shakti Scheme

       Coal Shakti Scheme
         
          सरकार ने मौजूदा आश्वासन पत्र (एलओए)- इंधन आपूर्ति करार (एफएसए) व्यवस्था के समापन को अनुमोदित किया और भारत में पारदर्शी रुप से कोयले का दोहन और आबंटन करने की योजना (शक्ति), 2017 शुरु की जिसे कोयला मंत्रालय द्वारा 22.05.2017 को जारी किया गया। शक्ति नीति के विभिन्‍न पैराग्राफों की कुछ मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित है:-
Coal+Shakti+Scheme
  • क.    इसमें वार्षिक अनुबंधित मात्रा (एसीक्यू) के 75% की दर से लगभग 68,000 मे.वा. की क्षमताओं के लिए मौजूदा कोयत्रा आपूर्ति को जारी रखने की अनुमति दी गई है। कोयले की उपलब्धता के आधार पर भविष्य में कोयले की आपूर्ति में और वृद्धि की जा सकती है। साथ ही इस नीति से एफएसए पर हस्ताक्षर नहीं किए जाने के कारण विलम्बित 68,000 मे.वा. में से लगभग 19,000 मे.वा. क्षमता को समर्थ बनाया है, बशर्ते कि ये संयंत्र 31.03.2022 तक स्थापित हो जाएं। डिस्कॉम्स द्वारा आमंत्रित की गई बोलियों के प्रति निकट भविष्य में किए जाने वाले मध्यावधिक पीपीए को भी लिंकेज कोयला आपूर्ति के लिए पात्र बनाया गया है। इस प्रकार एलओए-एफएसए की पुरानी व्यवस्था अंतिम स्थिति में पहुंच कर समाप्त हो गई।
  • ख  i )   कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल)/सिंगरैनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) विद्युत मंत्रालय की सिफारिशों पर अधिसूचित मूल्य पर राज्य/केंद्रीय उत्पादक कंपनियों/संयुक्त उदयमों को कोयला लिंकेज प्रदान कर सकती है।
  • ख.ii )  घरेलू कोयला आधारित दीर्घावधिक विद्युत क्रय करार (पीपीए) वाले स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों को लिंकेजेज दिए जाएंगे लेकिन नीलामी में टैरिफ पर छूट प्राप्त करने (पैसे/यूनिट में) हैतु बोली लगाने वाले आईपीपी को लिंकेज प्रदान नहीं किया जाता है।
  • ख. iii ) बगैर पीपीए वाले आईपीपी/विद्युत उत्पादकों को नीलामी के आधार पर लिंकेज दिया जाएगा जहां इसकी पद्धति गैर-विनियमित क्षेत्र के लिए लिंकेज नीलामी के अंतर्गत अपनाई जा रही पद्धति के समान होगी।
  • ख  iv )  राज्यों के लिए विवरण सहित कोयला लिंकेज की उपलब्धता की पूर्व घोषणा करके नए पीपीए के लिए कोयला लिंकेज भी निर्धारित किए जाएंगे। राज्य ये लिंकेज डिस्कॉम्स/एसडीए को निर्टिष्ट करेंगे।
  • ख  v )   राज्यों के समूह की विद्युत आवश्यकता को एकत्र किया जा सकता है और ऐसी एकत्र विद्युत की खरीद विद्युत मंत्रालय द्वारा निर्दिष्ट अथवा टैरिफ आधारित बोली के आधार पर ऐसे राज्य द्वारा प्राधिकृत किसी एजेंसी के द्वारा की जा सकती है।
  • ख  vi ) विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) को पूर्ण नियामक मात्रा के लिए लिंकेज प्रदान किए जाएंगे जिसमें विद्युत मंत्रालय की सिफारिश पर टैरिफ के निधारण हेतु दिशा-निर्देशों के तहत टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धा के माध्यम से केंद्र सरकार की पहल के तहत अल्ट्रा मेगा विद्युत परियोजनाओं (यूएमपीपी) की स्थापना के लिए नामनिर्दिष्ट एजेंसी द्वारा लिंकेज भी शामित्र किया जाएगा।
  • ख  vii ) लागत में बचत का पूरा ल्राभ उपभोक्ताओं को देते हुए आयातित कोयले पर आधारित पीपीए वाले आईपीपी को कोयला लिंकेज आबंटित करने के लिए कोयत्रा मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय के परामश से एक विस्तृत पारदर्शी बोली प्रक्रिया की पद्धति तैयार करेगा।
         आज की तारीख में नीति के पैरा क (i ), ख (ii ) और ख (iii ) के तहत निम्नलिखित क्षमताओं को कोयला लिंकेज प्रदान किए गए हैं:-
  •  पैरा क (i ) : 4730 मे.वा. की कुल क्षमता वाले 6 विद्युत संयंत्रों के लिए एफएसए हस्ताक्षर करने हेतु मंजूरी दी गई है।
  •  पैरा ख (ii ) : 18 टीपीपी को कुल 22,160 मे.वा. क्षमता के लिए लिंकेज प्रदान किए गए हैं।
  •  पैरा ख (ii ) :  शक्ति नीति के पैरा ख (ii ) के तहत लिंकेज नीलामी सितंबर, 2017 में आयोजित की गई थी जिसमें 9045 मे.वा. क्षमता के लिए 10 अनंतिम सफल बोलीदाताओं द्वारा 27.18 मि.ट. के वाषिक कोयला लिंकेज बुक किए गए थे।
(ख) तथा (ग)   शक्ति नीति के अंतर्गत सभी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र इसके नियम और शर्तों के अध्यधीन पात्र हैं। इस नीति के तहत गुजरात राज्य को कोई कोयला लिंकेज प्रदान/आबंटित नहीं किया गया है।

भारत सरकार
कोयला मंत्रालय

लोक सभा
अतारांकित प्रश्न संख्या : 1665
जिसका उत्तर 13 फरवरी, 2019 को दिया जाना है

शक्ति योजना

1665. श्रीमती जयश्रीबेन पटेल
          डॉ. किरिट पी. सोलंकी

क्या कोयला मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि 
  • (क) शक्ति योजना की प्रमुख विशेषताएं क्‍या हैं और देश में इसके कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति क्‍या है;
  • (ख) योजना के अंतर्गत वर्तमान में पात्र राज्य /संघ राज्य क्षेत्रों की सूची क्या है; और
  • (ग) क्‍या गुजरात राज्य वर्तमान समय में योजना के अंतर्गत पात्र है और यदि हां, तो गुजरात राज्य द्वारा स्वीकृत /चल रही परियोजनाओं का ब्यौरा क्या है और योजना के अंतर्गत कितनी निधि का अंतरण किया गया हे?
उत्तर
रेल, कोयला, वित्त एवं कारपोरेट कार्य मंत्री
(श्री पीयूष गोयल)

यथोपरि 
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