Shri K J Alphons inaugurates the First Swadesh Darshan project in Sikkim श्री के.जे.अल्‍फोंस ने सिक्किम में पहली स्‍वदेश दर्शन परियोजना का उद्घाटन किया

Press Information Bureau 

Government of India
Ministry of Tourism

30-January-2019 15:38 IST
Shri K J Alphons inaugurates the First Swadesh Darshan project in Sikkim 

First+Swadesh+Darshan

Shri. K.J. Alphons, Union Minister for Tourism inaugurated the project “Development of North East Circuit: Rangpo– Rorathang- Aritar- Phadamchen- Nathang-Sherathang- Tsongmo- Gangtok-Phodong- Mangan- Lachung-Yumthang- Lachen- Thangu-Gurudongmer- Mangan- Gangtok-Tuminlingee- Singtam” in the presence of Shri Ugen T. Gyatso, Minister of Tourism & Civil Aviation, Government of Sikkim in Gangtok, Sikkim today. The project implemented under Swadesh Darshan Scheme of Ministry of Tourism, Government of India was sanctioned by the Ministry in June 2015 for Rs. 98.05 Crores and is the first ever project in Sikkim under the scheme. Under this project, the Ministry has developed tourism infrastructure facilities like Tourist Information Centre, Meditation Centre, Organic Eco Tourism centre, Log Huts, Zip Line, Flower Exhibition Centre, Walkways, Souvenir Shops, Cafeteria, Rain Shelters, Wayside Amenity, Last Mile Connectivity, Parking, Public Toilets etc,.

Inaugurating the project, Shri. K. J. Alphons appreciated the efforts taken by the state in completing the project and added that Gangtok is incredibly clean that it can match with any city in the world in terms of its level of cleanliness and hospitality. Highlighting the achievements of India in the Tourism sector last year, the Minister said that the country has been ranked 3rd by WTTC’s Travel and Tourism Power and Performance Report for absolute growth in Tourism for the year 2017 and also India’s growth at 14% in terms of Foreign Tourist Arrivals in 2017 while world tourism grew at 7%. The Minister also commented upon the initiatives of the State Government in promoting home stays in Sikkim which provide jobs to citizens of all segments and also appreciated the State Government’s steps for Sustainable Tourism and Dispersing destinations policy. The Minister added that the Union Tourism Ministry has sanctioned another project in Sikkim under Swadesh Darshan scheme, the work of which is 75% complete.

The ongoing Swadesh Darshan project in Sikkim that the Ministry has sanctioned is “Development of North East Circuit: Singtam– Maka- Temi-Bermoik Tokel- Phongia- Namchi –Jorthang- Okharey- Sombaria-Daramdin- Jorethang- Melli” in September 2016 for Rs.95.32 crores. The work under the project is in progress.

The development of Tourism in North Eastern Region being prime area of focus for the Ministry of Tourism, several initiatives for growth of domestic and international tourism in the region has been taken by the Ministry. One of the many challenges region faces in development of tourism is the absence of quality infrastructure, services and awareness about the array of tourism products region has to offer.

The Ministry is carrying out number of activities to handle the issues on above fronts. On one hand the Ministry has given great impetus to the tourism infrastructure in the region under its flagship schemes of Swadesh Darshan and PRASHAD. For development of Tourism infrastructure, the Ministry has sanctioned 16 projects for Rs. 1349.04 crores covering all North Eastern States under its schemes of Swadesh Darshan and PRASHAD. The Ministry is actively working with other Central Ministries like Mo/Culture, M/o DONER, M/o Road Transport and Highways, M /o Civil Aviation etc. for development of Tourism in the region.

Swadesh Darshan scheme is one of the flagship scheme of Ministry of tourism for development of thematic circuits in the country in a planned and prioritised manner. Under this scheme the Government is focussing on development of quality infrastructure in the country with objective of providing better experience and facilities to the visitors on one hand and on other hand fostering the economic growth. The scheme was launched in 2014 -15 and as on date the Ministry has sanctioned 77 projects worth projects for Rs. 6121.69 Crore to 30 States and UTs. 30 projects / major components of these projects are expected to be completed this year. 11 projects have been inaugurated as on date under the scheme.

For promotion of North East region Ministry carries out special promotion in domestic and international markets highlighting regions diversity, tourism products and its rich culture. The Ministry of Tourism has also set up Hotel Managements and Food Craft Institutes for creating skilled manpower in tourism and hospitality sector in the North Eastern Region.

The efforts of Ministry have shown positive results and the Foreign tourist arrivals in the region has shown an upward trend over the years. The region received a total of 1.69 lakh foreign tourist visits during 2017 as against 1.45 lakh in 2016 registering a growth of 16.7% over 2016. The Domestic Tourist Visits reached to 95.47 lakhs in the year 2017 against 77.71 lakhs registering impressive double digit growth of 22.8% over 2016. The increased number of tourists in turn has created better employment opportunity for the local population in the region.

पत्र सूचना कार्यालय 
भारत सरकार
पर्यटन मंत्रालय 
30-जनवरी-2019 15:38 IST
श्री के.जे.अल्‍फोंस ने सिक्किम में पहली स्‍वदेश दर्शन परियोजना का उद्घाटन किया 
First+Swadesh+Darshan

केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री के.जे. अल्‍फोंस ने आज गंगटोक, सिक्किम में पूर्वोत्‍तर सर्किट विकासः रंगपो-रोराथंग-अरितार-फड़मचेन-नाथांग-शेराथांग-त्सोंगमो-गंगटोक-फोदोंग-मंगन-लाचुंग-यमथांग-लाचेन-थांगु-गुरुडोंगमर-मंगन-गंगटोक-तुमिनलिंगी-सिंगटम परियोजना का राज्य के पर्यटन और नागर विमानन मंत्री श्री उगेन टी ग्‍यात्‍सो की उपस्थिति में उद्घाटन किया। इस परियोजना को मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत लागू किया गया है। इस परियोजना को मंत्रालय ने 98.05 करोड़ रुपये की लागत से जून, 2015 में मंजूरी दी थी और योजना के अंतर्गत सिक्किम में यह पहली परियोजना है। इस योजना के अंतर्गत मंत्रालय ने पर्यटन बुनियादी ढांचा सुविधाएं जैसे पर्यटन सूचना केन्द्र, ध्यान केन्द्र, ऑर्गेनिक इको पर्यटन केन्द्र, लॉग हट, जिप लाइन, फूलों के लिए प्रदर्शनी केन्द्र, उद्यान पथ, स्मारिका दुकानें, कैफेटेरिया, बारिश से बचने की जगह, सड़क के किनारे सुविधाएं, अंतिम मील तक संपर्क पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय आदि विकसित किए है।

परियोजना का उद्घाटन करते हुए श्री के.जे. अल्फोंस ने परियोजना को पूरा करने में राज्य द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि गंगटोक इतना साफ है कि वह सफाई और मेजबानी के अपने स्तर में दुनिया के किसी भी शहर की बराबरी कर सकता है। पिछले वर्ष पर्यटन क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि देश डब्ल्यूटीटीसी ट्रेवल और वर्ष 2017 में पर्यटन में वृद्धि के लिए टूरिज्म पावर एंड परफॉर्मेंस रिपोर्ट द्वारा तीसरे नंबर पर रहा और साथ ही विदेशी पर्यटकों के आगमन के मामले में 2017 में भारत की वृद्धि दर 14 प्रतिशत रही, जबकि दुनिया के पर्यटन में 7 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई थी। सिक्किम में होम स्टे को बढ़ावा देने में राज्य सरकार की पहल के बारे में भी टिप्पणी की, जिससे सभी वर्गों के नागरिकों को नौकरियां मिली है और निरंतर पर्यटन और छितरे हुए स्थानों के बारे में नीति के लिए राज्य सरकार के कदमों की सराहना की। श्री अल्फोंस ने कहा कि केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत सिक्किम में एक अन्य परियोजना को मंजूरी दी है, जिसका 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

मंत्रालय ने 95.32 करोड़ रुपये की लागत से सितंबर, 2016 में सिक्किम में चल रही स्वदेश दर्शन परियोजना ‘पूर्वोत्तर सर्किट का विकासः सिंगटम-माका-तेमी-बरमोइक टोकल-फोंगिया-नामची-जोरथंग-ओखारी-सोमबारिया-दारामदीन-जोरेथांग-मेल्ली’ को मंजूरी दी थी। परियोजना के अंतर्गत कार्य प्रगति पर है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन के विकास पर पर्यटन मंत्रालय प्रमुखता से जोर दे रहा है। क्षेत्र में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन के विकास के लिए मंत्रालय ने अनेक पहल की है। पर्यटन के विकास में क्षेत्र को जिन अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है उनमें से एक गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे का अभाव, क्षेत्र में सेवाएं और पर्यटन उत्पादों के बारे में जागरूकता की कमी है।

मंत्रालय सभी मोर्चों पर अनेक कार्य कर रहा है। एक तरफ मंत्रालय ने ‘स्वदेश दर्शन’ और ‘प्रशाद’ की अपनी प्रमुख योजना के अंतर्गत क्षेत्र में पर्यटन बुनियादी ढांचे को गति प्रदान की है। पर्यटन ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए मंत्रालय ने ‘स्वदेश दर्शन’ और ‘प्रशाद’ योजनाओं के अंतर्गत सभी पूर्वोत्तर राज्यों को शामिल करते हुए 1349.04 करोड़ रुपये की लागत से 16 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

स्‍वदेश दर्शन योजना देश में विषय क्षेत्र संबंधी सर्किटों के नियोजित और प्राथमिकता के आधार पर विकास के लिए पर्यटन मंत्रालय की एक प्रमुख योजना है। इसके लिए इस योजना के अंतर्गत सरकार देश में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दे रही है। जिससे एक तरफ आगुंतकों को बेहतर अनुभव और सुविधाएं मिल सके और दूसरी तरफ आर्थिक विकास में तेजी आए। इस योजना की शुरूआत 2014-15 में की गई थी और इसके तहत अब तक 30 राज्‍यों व संघ शासित प्रदेशों के लिए 6121.69 करोड़ रुपये की कुल लागत से 77 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से 30 परियोजनाओं के इस वर्ष पूरे होने की संभावना है। योजना के अंतर्गत 11 परियोजनाओं का निर्धारित तिथि पर उद्घाटन किया जा चुका है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने क्षेत्रीय विविधता, पर्यटन उत्पादों और उसकी समृद्ध संस्कृति को उजागर करते हुए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में विशेष प्रचार किया। पर्यटन मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन और मेजबानी के क्षेत्र में कुशल मानव शक्ति तैयार करने के लिए होटल प्रबंधन और फूड क्राफ्ट संस्थानों की स्थापना की है।

पर्यटन मंत्रालय के प्रयासों से पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों की संख्‍या में वृद्धि हुई है। पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में 2016 में 1.45 लाख विदेशी पर्यटक आये थे जिनकी संख्या 2017 में बढ़कर 1.69 लाख हो गई है, जो 2016 की तुलना में 16.7 प्रतिशत अधिक है। 2016 के दौरान 77.71 घरेलू पर्यटकों ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र का दौरा किया था, जबकि 2017 में यह संख्‍या बढ़कर 95.47 लाख हो गई है, जो 2016 की तुलना में 22.8 प्रतिशत अधिक है। पर्यटकों की संख्‍या में बढ़ोतरी से क्षेत्र की स्‍थानीय आबादी को रोजगार के बेहतर अवसर मिले है।

Introduction
First+Swadesh+Darshan

India’s rich cultural, historical, religious and natural heritage provides a huge potential for development of tourism and job creation in the country. There is a great scope and need to develop tourist circuits on specific themes to attract the tourists having special interest in visiting such places. This can be achieved only through an integrated approach by providing engaging experiences for distinct categories of tourists i.e. Domestic and International. Various themes which are unique and specific to the area can include beaches, culture, heritage, wildlife etc. Such theme based tourist circuits should be developed in a manner that supports communities, provides employment and fosters social integration without comprising upon the environmental concerns and provides unique experiences to the tourists.

In due recognition to this the Government of India, Ministry of Tourism (MoT) launched the Swadesh Darshan Scheme (Central Sector Scheme)– for integrated development of theme based tourist circuits in the country in 2014-15.
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