Hunar Haat is to ensure ‘Development with Dignity’ to Artisans and Craftsmen of the Country हुनर हाट देश के कारीगरों और शिल्पकारों को 'सम्मान के साथ विकास' सुनिश्चित करने के लिए है

Press Information Bureau 
Government of India
Ministry of Minority Affairs
13-January-2019 13:58 IST
Hunar Haat is to ensure ‘Development with Dignity’ to Artisans and Craftsmen of the Country 

Shri Arun Jaitley and Shri Mukhtar Abbas Naqvi Inaugurated Hunar Haat in New DelhI

Finance Minister Shri Arun Jaitley and Union Minority Affairs Minister Shri Mukhtar Abbas Naqvi inaugurated “Hunar Haat”, here today. This Hunar Haat has been organised at State Emporia Complex, Baba Kharak Singh Marg, Connaught Place, New Delhi from 12th to 20th January, 2019.
Hunar+Haat
On the occasion, Shri Jaitley said that India is full of heritage of master artisans. Programmes such as “Hunar Haat” are playing an important role in national and international branding of this heritage.

Appreciating the Minority Affairs Ministry for organising “Hunar Haat”, Shri Jaitley said that “Hunar Haat” is a great effort at projecting the talent of Indian artisans. Shri Jaitley took a glimpse of indigenous exquisite pieces of Handicraft & Handloom work and also encouraged master artisans who have come here from every corner of the country. He said that branding of art of master artisans of the country is very important and programmes such as “Hunar Haat” are playing an important role in this direction. Such programmes will benefit lakhs of people associated with this sector. 

On the occasion, Shri Mukhtar Abbas Naqvi said that “Hunar Haat” has proved to be a “credible brand” of “Indigenous Talent” of Indian artisans and craftsmen. “Hunar Haat” has ensured “Development with Dignity” of artisans and craftsmen of the country.

Shri Naqvi said that the Central Government has constructed "highway of development" by removing the "speed breaker" of religion, region and caste. "Hunar Haat" is a part of this "highway" where the “vehicle of empowerment of artisans” is moving forward.

He said that art and culture of the entire country is present under one roof in this “Hunar Haat”. Artisans and craftsmen of the country have a legacy of spectacular art. The Central Government is working to promote this heritage.

Shri Naqvi said that “Hunar Haat”, being organised across the country by the Ministry, has proved to be “Empowerment & Employment Exchange” for master artisans and craftsmen. The employment oriented program of the Government like “Hunar Haat” has significantly encouraged and promoted the rich traditional heritage of master artisans which had been marginalised for a long time.

Shri Naqvi said that “Hunar Haat” has become a “credible brand” to fulfil Prime Minister Shri Narendra Modi’s commitment to “Make in India”, “Stand up India”and “Start up India”. During the last one year, “Hunar Haat”, organised at various parts of the country, has been successful in providing employment opportunities to about 1 lakh 62 thousand artisans and other people associated with them.“Hunar Haat” has become a credible and renowned brand where exquisite Handicraft & Handloom made by master artisans and various delicacies from across the country are available under one roof.

Shri Naqvi said that master artisans, culinary experts including a large number of women, from every corner of the country are participating in this “Hunar Haat” at New Delhi.

Indigenous exquisite pieces of Handicraft & Handloom work like Cane & Bamboo, Jute Products from Assam, Variety of Silks from Jharkhand & Bihar, Varanasi Silk, Lucknawi Chikankari, Ceramic, Terracotta, glassware, Brassware, Leather, Marble products of Uttar Pradesh, Kashmir Namda, Traditional handicrafts from North Eastern Region, Ajrakh, Bandhej, Mud work, Copper Bells from Gujarat, Silver Filigree products from Odisha and Bamboo Crafts from Chhattisgarh, Scissors from Meerut are available at this “Hunar Haat”.

The visitors are enjoying traditional food such as Awadhi Khana, Rajasthani Pakwan (Dal Bati and Churma), Gujarati Thali, Maharashtrian Cuisine, Jackfruit delicacies from Kerala, delectable and mouth-watering sweets like phirnee, Shahitukda, Halwa, Bengali Sweets, Rajkot famed sweets anda variety of flavoured Paan.

Qawwali, Sufi songs, traditional dance performance and other cultural programs are being organized daily at “Hunar Haat” at Baba Kharak Singh Marg where renowned artists are performing.

Earlier, “Hunar Haat” had been organised at Allahabad, Pragati Maidan and Baba Kharak Singh Marg at New Delhi; Puducherry and Mumbai. In the coming days, “Hunar Haat” will be organised at other states of the country.

Minister of State for Minority Affairs Dr.Virendra Kumar and senior officials of the Minority Affairs Ministry were also present on the occasion. 

पत्र सूचना कार्यालय 
भारत सरकार
अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय 
13-जनवरी-2019 19:05 IST
हुनर हाट देश के कारीगरों और शिल्पकारों को 'सम्मान के साथ विकास' सुनिश्चित करने के लिए है 

श्री अरुण जेटली और श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नई दिल्ली में हुनर हाट का उद्घाटन किया 

केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली और केंद्रीय अल्पसंख्यक मामले मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यहां "हुनर हाट" का उद्घाटन किया। यह हुनर हाट नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थित राज्य एम्पोरिया कॉम्प्लेक्स में 12 से 20 जनवरी, 2019 तक आयोजित किया जा रहा है।
हुनर+हाट
श्री जेटली ने इस अवसर पर कहा कि भारत उस्ताद कारीगरों की विरासत से भरा हुआ है। "हुनरहाट" जैसे कार्यक्रम इस विरासत की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

श्री जेटली ने "हुनरहाट" के आयोजन के लिए अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय की सराहना करते हुए कहा कि "हुनरहाट" भारतीय कारीगरों की प्रतिभा को समाने लाने का एक बड़ा प्रयास है। श्री जेटली ने हस्तकला और हथकरघा की स्वदेशी उत्कृष्ट कलाकृतियों अवलोकन किया और देश के कोने-कोने से यहां आए उस्ताद कारीगरों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि देश के उस्ताद कारीगरों की कला की ब्रांडिंग बहुत महत्वपूर्ण है और "हुनरहाट" जैसे कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस तरह के कार्यक्रमों से इस क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों को फायदा होगा।

इस अवसर पर श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि "हुनरहाट" भारतीय कारीगरों और शिल्पकारों की "स्वदेशी प्रतिभा" का "विश्वसनीय ब्रांड" साबित हुआ है। "हुनरहाट" ने देश के कारीगरों और शिल्पकारों के "सम्मान के साथ विकास" सुनिश्चित किया है।

श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार ने धर्म, क्षेत्र और जाति के "स्पीड ब्रेकर" को हटाकर "विकास के राजमार्ग" का निर्माण किया है। "हुनरहट" इस "राजमार्ग" का एक हिस्सा है जहाँ "कारीगरों के सशक्तिकरण का वाहन" आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पूरे देश की कला और संस्कृति इस "हुनरहाट" में एक छत के नीचे मौजूद है। उन्होंने कहा कि देश के कारीगरों और शिल्पकारों के पास शानदार कला की विरासत है। केंद्र सरकार इस विरासत को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। श्री नकवी ने कहा कि मंत्रालय द्वारा देश भर में आयोजित किए जा रहे "हुनरहाट" उस्ताद कारीगरों और शिल्पकारों के लिए "सशक्तिकरण और रोजगार विनिमय" साबित हुए हैं। "हुनरहाट" जैसे सरकार के रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों ने उस्ताद कारीगरों की समृद्ध पारंपरिक विरासत को प्रोत्साहित किया है और बढ़ावा दिया है जो लंबे समय से हाशिए पर थे।

श्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की "मेक इन इंडिया", "स्टैंड अप इंडिया" और "स्टार्ट अप इंडिया" के प्रति प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए "हुनरहाट" एक "विश्वसनीय ब्रांड" बन गया है। पिछले एक साल के दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित "हुनरहाट", लगभग 1 लाख 62 हज़ार कारीगरों और उनसे जुड़े अन्य लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करने में सफल रहा है। "हुनरहाट" एक विश्वसनीय और प्रसिद्ध ब्रांड बन गया है, जहाँ उत्तम कारीगरों और उस्ताद कारीगरों द्वारा बनाई गई हथकरघा और देश भर से विभिन्न व्यंजन एक छत के नीचे उपलब्ध हैं।

श्री नकवी ने कहा कि नई दिल्ली के इस "हुनरहाट" में महिलाओं सहित देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में आये उस्ताद कारीगर, पाक विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

केन और बांस, असम से जूट उत्पाद, झारखंड और बिहार से विभिन्न प्रकार के रेशम, उत्तर प्रदेश के वाराणसी सिल्क, लखनवी चिकनकारी, सिरेमिक, टेराकोटा, कांच के बने पदार्थ, पीतल के बर्तन, चमड़ा, , कश्मीर नामदा, संगमरमर के उत्पाद, उत्तर पूर्वी क्षेत्र के पारंपरिक हस्तशिल्प, अजरख, बंधेज, मिट्टी का काम, गुजरात से कॉपर बेल्स, ओडिशा के सिल्वर फिलिग्री उत्पाद और छत्तीसगढ़ का बांस शिल्प, मेरठ की कैंची जैसे स्वदेशी उत्कृष्ट हस्तशिल्प और हथकरघा के काम इस “हुनरहाट” में उपलब्ध हैं।

आगंतुक यहां अवधी खाना, राजस्थानी पाकन (दाल बाटी और चूरमा), गुजराती थाली, महाराष्ट्र का भोजन, केरल के कटहल के व्यंजन जैसे स्वादिष्ट पारंपरिक भोजन और फ़िरनी, शाहितुकदा, हलवा, बंगाली मिठाइयाँ, राजकोट की मुंह में पानी लाने वाली जैसी मिठाइयाँ का लुत्फ उठा सकते हैं। साथ ही, विभिन्न प्रकार के स्वाद वाले पान भी यहां उपलब्ध है।

बाबा खड़क सिंह मार्ग स्थित "हुनरहाट" में कव्वाली, सूफी गीत, पारंपरिक नृत्य प्रदर्शन और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिदिन आयोजित किए जाते हैं, जहां प्रसिद्ध कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं।

इससे पहले, "हुनरहट" का आयोजन इलाहाबाद, नई दिल्ली में प्रगति मैदान और बाबा खड़क सिंह मार्ग, पुदुचेरी और मुंबई में किया गया था । आने वाले दिनों में “हुनरहाट” का आयोजन देश के अन्य राज्यों में भी किया जाएगा।

इस अवसर पर अल्पसंख्यक मामले के राज्य मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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